kunal kamra फंस गए स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा!
फंस गए स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा!

स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. कुणाल कामरा के खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाने के लिए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने हरी झंडी दे दी है. जर्नलिस्ट अर्नब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट से बेल दिए जाने के बाद कुणाल ने कोर्ट और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ कथित अपमानजनक ट्वीट करने के लिए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कामरा पर अदालत की अवमानना का मामला चलाने की इजाजत दे दी है.
वेणुगोपाल ने अपने पत्र में लिखा कि कामरा के ये ट्वीट्स न सिर्फ भद्दें हैं बल्कि हास्य और अदालत की अवमानना के बीच की रेखा को भी पार करते हैं.

क्या है कामरा के ट्वीट का मामला?
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुंबई की तलोजा जेल में बंद रिपब्लिक टीवी के मुख्य संपादक अर्बन गोस्वामी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे.
इसके बाद कामरा ने सुप्रीम कोर्ट और जजों को लेकर कुछ ट्वीट्स किए थे. कई लोगों ने इन ट्वीट्स को अपमानजनक मानते हुए उनके खिलाफ अदालत की अवमानना चलाने के लिए अटॉर्नी जनरल से इजाजत की मांग की थी.
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘जिस गति से सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को संभालता है. ये समय है महात्मा गांधी की तस्वीर को हरीश साल्वे की तस्वीर में बदल देना चाहिए’
इतना ही नहीं कुणाल कामरा ने अपने एक और ट्वीट में लिखा, ‘डीवाई चंद्रचूड़ एक फ्लाइट अटेंडेंट हैं, जो प्रथम श्रेणी के यात्रियों को शैंपेन ऑफर कर रहे हैं क्योंकि वह फास्ट ट्रैक हैं. जबकि सामान्य लोगों को यह भी नहीं पता कि वह कभी भी चढ़ या फिर बैठ भी नहीं पाएंगे. सर्व होने की तो बात ही नहीं हैं.’ कुणाल कामरा के इन ट्वीट्स के बाद अर्नब गोस्वामी के वकील रिजवान सिद्दीकी ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को कुणाल कामरा के खिलाफ अवमानना का मामला दर्ज करवाने के लिए पत्र लिखा.
कुणाल के ट्वीट्स पर अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल को 9 लेटर भेजे गए थे. इनमें कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्यवाही शुरू करने के लिए मंजूरी मांगी गई थी. ये लेटर लॉ के स्टूडेंट्स और कुछ वकीलों ने भेजे थे. नियम है कि किसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का मुकदमा चलाने के लिए अटॉर्नी जनरल या सॉलिसिटर जनरल की मंजूरी होनी चाहिए.
अब अटॉर्नी जनरल ने रिजवान सिद्दीकी के पत्र को स्वीकार कर लिया है और देश की सबसे बड़ी अदालत के जज का अपमान करने पर कुणाल कामरा के खिलाफ अवमानना का मामला दर्ज करवाने के लिए सहमति जताई है.

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