जानिए दीवाली में किस मंत्र के उच्चारण से होगा लाभ और दीवाली पूजा की विधि ?

नई दिल्ली: आज पूरे भारत वर्ष में दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है। दीवाली का पांच दिवसीय पर्व धनतेरस से शुरू होता है जो छोटी दीवाली, दीवाली, गोवर्धन पूजा के बाद भाई दूज पर समाप्त होता है. वहीं मंगलवार को छोटी दीवाली का उल्लास पूरे देश में देखने को मिला.

पूजा करने का आसान तरीका

साथ ही आज यानि बुधवार के दिन लोग शाम को अपने घरों में दिए जलाते हैं और लोग माता लक्ष्मी सहित गणेश भगवान का पूजा-पाठ करते हैं. तो आइए आपको बताते हैं कि दीवाली की पूजा करने का आसान तरीका क्या है. आपको बता दें कि किस मंत्र के उच्चारण से होगा लाभ यह भी हम इस लेख के माध्यम से बताने की कोशिश करेंगे।

आज प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। मां लक्ष्मी की पूजा पूरब की तरफ मुंह करके करें। इस पूजा में सारे घरवाले साथ बैठें। ध्यान दें कि दक्षिण की तरफ मुंह करके मां लक्ष्मी की पूजा नहीं करनी चाहिए।

पूजा की विधि

-घर के मेनगेट पर रंगोली बनाएं

-घर के दरवाजे और आंगन में धार्मिक चिह्न बनाएं

-घर को सजाएं

-पूजा के लिए थाली सजाएं

फिर पूजा की थाली में कौड़ी जरूर रखें। क्योंकि कौड़ी मां लक्ष्मी का प्रतीक है। और कौड़ी का लॉकेट पहनने से धन का संकट दूर होता है। फिर दीवाली पूजा की कौड़ी को तिजोरी में रखने से मां लक्ष्मी की कृपा होती है।

-पंचमेवा लें

-रोली लें

-कटोरियों में दिवाली पूजा के लिए सात अनाज निकालें

-अनाज में ज्वार जरूर रखें

-साबुत चावल लें

-चंदन लें

-पूजा के लिए फल लें

-खील और बताशे लें

-चीनी से बने खिलौने रखें

-5 दीपक आटे के लें

-पूजा के लिए घी या तेल लें

-पूजा के लिए मौली लें

-दूर्वा लें

-चांदी या सोने का सामान पूजा में रख सकते हैं

-दीप जलाएं

-मां की आरती उतारे

-सबसे पहले गणेश जी को भोग लगाएं

-गणेशजी के बाद मां लक्ष्मी को भोग लगाएं

-लक्ष्मीजी के बाद कुल देवता को भोग लगाएं

-कुल देवता के बाद ईष्ट को भोग लगाएं

-पांचवा भोग पित्तरों को लगाएं

-छठा भोग गुरू को लगाएं

-सातवां भोग मां-बाप के लिए निकालें

-जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन और धन निकालें

-भोजन और धन का एक हिस्सा 8 साल से छोटी कन्या के लिए निकालें

-गाय के लिए ग्रास निकालें

-11 आहुतियों का हवन करें

-हवन में ऊं ऐं ह्रीं क्लीं नमस चंडिकाय स्वाहा से आहुति दें

-घर के सारे लोगो दरवाजे पर सात अनाज का ढेर लगाएं

-चांदी की कटोरी में दूध लेकर चंद्रमा की तरफ मुंह करके गमले में डाल दें

-मिट्टी की बर्तन में सिंदूर और शहद लेकर पूजा में रखें

फिर मां लक्ष्मी का जप करते हुए अनाज के हर ढेर पर एक दीपक जलाएं।

-ऊं महालक्ष्मयै नम: ऊं विष्णु पर्याय नम: ऊं श्रीं नम: का जप करें