January 28, 2022 5:41 pm
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KGMU कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को तैयार, जानिए पूरा प्‍लान

KGMU कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को तैयार, जानिए पूरा प्‍लान

लखनऊ: कोविड की संभावित तीसरी लहर में बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए राजधानी स्थित केजीएमयू द्वारा पूरी तैयारियां की जा रही हैं। तीसरी लहर का अक्तूबर तक आने का अनुमान गया है, लेकिन केजीएमयू द्वारा अगस्त के मध्य तक इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।

संभावना है कि कोरोना की तीसरी लहर में करीब 40 फीसदी मामलों की संख्या 0-18 वर्ष की आयु सीमा में होगी, जबकि यह पहली और दूसरी लहर में 12 फीसदी थी। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस समय पूरे देश में 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है।

तीसरी लहर से बच्‍चों को ज्‍यादा खतरा

ऐसे में बाल आयु वर्ग का प्रतिरक्षा तंत्र संक्रमण से लड़ने के लिए विकसित नहीं हुआ है। साथ ही स्कूल खोलने से, बाल वर्ग में कोविड नियम का अनुपालन सुनिश्चित करने में कठिनाई और वायरस म्यूटेशन के कारण बाल वर्ग में संक्रमित होने का खतरा ज्‍यादा है।

वर्तमान में यूपी की जनसंख्या 23 करोड़ (2020) है। राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, 11 मई 2021 तक 15,03,490 (0.6%) लोग कोरोना से पीड़ित थे। इसलिए तीसरी लहर में यह अनुमान लगाया गया है कि कुल जनसंख्या का 1 फीसदी कोविड से संक्रमित हो सकती है।

बेड्स की कमी को रोकने का लक्ष्‍य

यह देखा गया कि जनवरी, 2020 से मई तक कुल कोरोना मामलों का 42 फीसदी सिर्फ 2 महीने यानी मार्च से अप्रैल के बीच हुआ है। इसलिए तीसरी लहर में यदि फिर से दो महीने की अवधि में अधिक मामले घटित हों तो यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि तब बेड्स की कमी ना होने पाए।

उत्‍तर प्रदेश की 23 करोड़ आबादी का लगभग 42 फीसदी की उम्र 18 वर्ष या उससे कम है। इसमें से 95 फीसदी कोरोना  के संपर्क में अभी तक नहीं आये हैं और सभी टीकाकरण से वंचित भी है। इन सब तथ्यों का संज्ञान लेकर हर मेडिकल कॉलेज में 50 बाल चिकित्सा आइसीयू/एचडीयू और 50 आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ संचालित किए जाएंगे।

इन्‍हें किया जाएगा प्रशिक्षित

केजीएमयू में विशेषज्ञ डाक्टर्स का समूह है, जो आपस में वर्चुअली लिंक रहता हैं। एक महीने के लिए Modular 10 बेड्स के लिए आवश्यक उपकरणों और आपूर्ति की संख्या सुनिश्चित कर ली गई है। संक्रमित बाल चिकित्सा सुविधाओं के प्रबंधन एवं कुशलता से देखभाल/निगरानी के लिए के लिए दूसरे और तीसरे लेवल की सुविधाओं से डॉक्टर्स, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

इस प्रशिक्षण के लिए एक ऑनलाइन ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया गया है। हर दिन प्री और पोस्ट टेस्ट लिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भागीदारी का एक कंप्यूटर जनित प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। राज्य सरकार प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए नामांकन भेजेगी, नामांकित व्यक्तियों का प्रशिक्षण किया जाएगा। प्रशिक्षण केजीएमयू के सहयोग से किया जायेगा। साथ ही इस कार्यक्रम में एसजीपीजीआइएमएस, आइएमएस-बीएचयू, आरएमएल पीएमएस और एम्स, रायबरेली भी सहयोग करेंगे।

सरकार तैयार करेगी जिला अस्पतालों के आवंटन की सूची

व्याख्यान का वीडियो के साथ या बिना वीडियो के साथ रिसोर्स फैकल्टी द्वारा एक सेट तैयार किया जाएगा। ऐसी स्थितियां जहां व्यावहारिक रूप से एक से एक प्रशिक्षण देना संभव नहीं है, वहां वीडियो को शामिल करने से स्किल डेवलपमेंट में मदद मिलेगी। अनुमान है कि मॉड्यूल जून, 2021 तक डिलीवरी के लिए तैयार हो जाएगा। यह प्रस्तावित है कि पीआइसीयू वाले जिला अस्पतालों को सहायक पर्यवेक्षण और वर्चुअल हैंड होल्डिंग के लिए निकटतम मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जाए। मेडिकल कॉलेजों को जिला अस्पतालों के आवंटन की विस्तृत सूची राज्य सरकार द्वारा तैयार की गयी है।

केजीएमयू में बाल चिकित्सा कोविड अस्पताल

साथ ही यह भी प्रस्तावित हुआ है कि 2-4 जिला अस्पताल एक मेडिकल कॉलेज से जुडे होंगे, जो कि 25 बेड्स वाला पीआइसीयू चलाएंगे। बाल चिकित्सा, आंतरिक चिकित्सा, ईएनटी, सर्जरी और अन्य संबद्ध संकाय जो कोविड देखभाल के लिए आवश्यक हैं, उन्‍हें प्रशिक्षित किया जाएगा। केजीएमयू में 100 बेड्स वाला बाल चिकित्सा कोविड अस्पताल मनोचिकित्सा विभाग में लगभग तैयार हो चुका है, जिसमें 50 पीआइसीयू/एचडीयू बेड्स और 50 ऑक्सीजन बेड्स हैं।

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