केरल में निपाह वायरस ने मचाई दहशत-16 लोगों की मौंत

नई दिल्ली। केरल के कोझीकोड में निपाह वायरस ने लोगों के बीच अपनी दहशत फैला रखी है। बता दे कि केरल में निपाह वायरस से मरने वालों की संख्‍या 16 हो गई है यह आंकड़ा स्थानीय मीडिया ने दिया है। मरने वालों में एक ही परिवार के चार लोग और इलाज में लगी एक नर्स भी शामिल है। चार की हालत गंभीर है, वहीं 25 लोगों को निगरानी में रखा गया है।

हालांकि, राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने अभी सिर्फ तीन मौतों की पुष्टि की है। इस बीच पुणे वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट ने खून के तीन नमूना में निपाह वायरस होने की पुष्टि की है। वायरस से हो रही मौतों को देखते हुए केरल हेल्‍थ डिपार्टमेंट के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

बता दे कि निपाह वायरस से केरल में कोहराम मचा हुआ है। और केरल सरकार की ओर से इस पर केंद्र से तत्काल मदद मुहैया कराने की गुहार लगाई थी, इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार को नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (NCDC) के डायरेक्‍टर को कोझिकोड जाकर राज्‍य सरकार की मदद करने और सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

NSDC की टीम

राज्य सरकार की गुहार पर केंद्र से नेशनल सेंटर फॉर डीसीज कंट्रोल (NSDC) की टीम केरल में निपाह वायरस प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने इस संबंध में एक कमेटी गठित की है। जो बीमारी की तह तक जाने में जुटी है।

क्‍या है निपाह वायरस

  • निपाह वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक निपाह वायरस चमगादड़ से फलों में और फलों से इंसानों और जानवरों पर हमला करता है।
    बता दे कि निपाह वायरस का मामला पहली बार मलेशिया के कांपुंग सुंगई निपाह में इसके मामले सामने आए थे। इसीलिए इसे निपाह वायरस नाम दिया गया। पहले इसका असर सुअरों में देखा गया।
  • 2004 में यह बांग्लादेश में इस वायरस के प्रकोप के मामले सामने आए थे। बताया जा रहा है कि केरल में यह पहली बार फैला है।
    इस वायरस से प्रभावित शख्स को सांस लेने की दिक्कत होती है फिर दिमाग में जलन महसूस होती है। तेज बुखार आता है। वक्त पर इलाज नहीं मिलने पर मौत हो जाती है।
  • इंसान या जानवरों को इससे बचाने के लिए कोई वैक्सीन नहीं है। इससे प्रभावित शख्स को आईसीयू में रखकर इलाज करना होता है।

स्पेशल टास्क फोर्स

कोझिकोड में निपाह वायरस से हुई मौतों के बाद हेल्‍थ सर्विस डायरेक्‍टर डॉ. आरएल सरिता ने एक स्‍पेशल टास्‍क फोर्स गठित की है। इस टास्‍क फोर्स को कोझिकोड के डिस्ट्रिक्‍ट कलेक्‍टर यूवी जोस हेड कर रहे हैं। इसके अलावा किसी भी तरह की स्थिति में इमरजेंसी ट्रीटमेंट को मॉनिटर करने के लिए एक सिंगल विंडो सिस्‍टम भी बनाया गया है।