kanwar ब्रजघाट बनेगा उत्तर प्रदेश का नया हरिद्वार

हरिद्वार में कुंभ के दौरान बढ़े कोरोना के मामलों का लेकर उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी है। जबिक पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश ने कांवड़ यात्रा को लेकर हरी झंडी दी है। जिसके बाद सरकार ने फैसला लिया है कि अब कांवड़ियों का ब्रजघाट यूपी का हरिद्वार बनेगा। लाखों कांवड़िए ब्रजघाट से गंगा जल उठायेंगे। तीर्थ नगरी ब्रजघाट पर्यटन केन्द्र के साथ धार्मिक स्वरुप को सजोए हुए है। हरिद्वार से बेहतर वाराणसी की तर्ज पर नित्य रुप से होने वाली गंगा आरती सम्मोहक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कांवड़ यात्रा को हरी झंडी दिये जाने पर लाखों शिवभक्त कांवड़िए हरिद्वार की तरह ब्रजघाट पर आयेंगे और मांग गंगा की पूजा अर्चना करने के बाद पवित्र जल उठाकर गंतव्य के लिए रवाना होंगे।

हरिद्वार जाने वाले आयेंगे ब्रजघाट

बुलन्दशहर, गाजियाबाद, दिल्ली के साथ आसपास के शिवभक्त कावंड़िए ऋषिकेश और हरिद्वार से जल उठाते रहे है। इस बार उत्तराखंड सरकार द्वारा कावंड़ यात्रा पर रोक लगाने की वजह से शिवभक्त कांवड़िए ब्रजघाट पर आयेंगे। ब्रजघाट पर कांवड़ियों की संख्या दुगनी से ज्यादा हो जायेगी।

व्यवस्था में जुटा पुलिस प्रशासन

एसडीएम अरविन्द कुमार द्विवेदी, सीओ पवन कुमार कांवड़ यात्रा के मददेनजर व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करने में जुट गये है। कोतवाल अजय चौधरी, बहादुरगढ़ इस्पेक्टर एसके सिंह ने प्राचीन नक्का कुंआ महादेव मंदिर,कल्याणेश्वर कल्याणपुर मंदिर के साथ कांवड़ियों का रुट मैप तैयार कर लिया है।

ब्रजघाट अनलॉक कराने की उठाई मांग

तीर्थ नगरी ब्रजघाट पर कांवड़ मेला के मददेनजर शिवभक्त कांड़ियों को समुचित व्यवस्थाऐं कराने के साथ शनिवार और रविवार को अन लॉक कराने की मांग उठाई है। गंगा सभा आरती समिति संचालक अधिवक्ता कपिल शर्मा ने जिला अधिकारी को प्रार्थना पत्र में कहा है कि शिव कावंड मेला के अलावा श्रावण मास में शिवभक्त तीर्थ नगरी ब्रजघाट गंगा से जल उठाते है। श्रावण मास का प्रारम्भ 25 जुलाई से होगा जिसमें शिव त्रयोदशी 6 अगस्त को है। ब्रजघाट गंगा से जल उठाने वाले कावड़िए 4 अगस्त से ब्रजघाट में जुटने आरम्भ हो जायेगे। इसके अलावा सावन मास के प्रत्येक सोमवार को मुरादाबाद, रामपुर,बरेली के कावेड़िए भारी संख्या में जल चढ़ायेंगे।

उत्तर रेलवे में निकली वैकेंसी, बिना परीक्षा के होगी भर्ती, इतनी मिलेगी सैलरी?

Previous article

जातिवादी राजनीति समाज के लिए घातक – स्‍वामी चिन्‍मयानन्‍द

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured