जोकीहाट उपचुनाव: डीजल-पेट्रोल की कीमतों से बढ़ी जदयू की मुश्किलें

जोकीहाट उपचुनाव: डीजल-पेट्रोल की कीमतों से बढ़ी जदयू की मुश्किलें

बिहार के जोकीहाट विधानसभा उपचुनाव में 28 मई को मतदान होना है। आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। जोकीहाट विधानसभा चुनाव को जीतने के लिए ‘राष्ट्रीय जनतादल’ और ‘जनतादल यूनाईटेड’ ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लेकिन मिली जानकारी के अनुसार जोकीहाट के लोगोx में जदयू से नाराजगी है। माना जा रहा कि जोकीहाट के मतदाता जदयू को सबक सिखाने की बात कर रहे हैं।

 

 

मतदातओं में कई मुद्दों को लेकर गुस्सा है। एक सर्वे के मुताबित बिहार के 70 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले विधानसभा क्षेत्र मे लोगों का गुस्सा चरम पर है। जोकीहाट की जनता जदयू से नाराज है क्योंकि पिछले साल जदयू ने भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाकर RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव को धोखा दिया है। और जदयू को भारतीय जनता पर्टी की सहयोगी पार्टी होने के कारण लोगों को प्रधानमंत्री के वादे भी याद आ रहे हैं। जोकीहाट के मतदाताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने काले धन को वापस लाने और प्रत्येक व्यकित के बैंक खाते में 15 लाख रुपए जमा करने का वादा और प्रत्येक नौजवानों को दो करोड़ नौकरी देने का वादी भी मतदाताओं के जहन में हैं।

 

रोजाना डीजल–पेट्रोल के दामों मे बढ़ोत्तरी से जनता को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। भले ही डीजल –पेट्रोल के दामें का मुद्दा केन्द्र सरकार का हो पर इसका नुकसान जदयू को बुगतना पड़ सकता है। क्योंकि जदयू BJP की सहयोगी पार्टी है।

 

जोकीहाट विधानसभा उपचुनाव में मतदाताओं ने वोट देकर विरोध जताने की बात की है।इससे जाहिर होता है कि जदयू को इसका खमियाज बुगतना पड़ सकता है। लेकिन कितना नुकसान जदयू को होगा ये नतीजे आने पर ही साफ होगा।