इसरो इसरो ने सफलतापुर्वक लॉन्च किया संचार उपग्रह जीसैट-30, जाने होंगे कौन-कौन से फायदे

पेरिस। शुक्रवार सुबह को इसरो ने फ्रेंच गुआना के कौरू स्थित स्पेस सेंटर यूरोपियन रॉकेट एरियन 5-वीटी 252 से संचार उपग्रह जीसैट-30 सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया और सफलतापुर्वक उसे लॉन्च किया। इसका वजन 3357 किलोग्राम है। ये सैटेलाइट देश की संचार प्रौद्योगिकी में बहुत बड़ा बदलाव लाएगा। इसरो के मुताबिक, 3357 किलो वजनी सैटेलाइट 15 साल तक काम करेगा। 

बता दें कि इस मौके पर इसरो के यूआर राव सैटेलाइट सेंटर के निदेशक पी कुन्हीकृष्णन ने इस मौके पर कहा, “2020 की शुरुआत एक शानदार लॉन्च के साथ हुई है। इसरो ने 2020 का मिशन कैलेंडर जीसैट-30 के सफल प्रक्षेपण के साथ किया है। खास बात यह है कि इसे जिस एरियन 5 रॉकेट से लॉन्च किया गया है। उसका पहली बार 2019 में इस्तेमाल किया गया था तब भी रॉकेट का इस्तेमाल भारतीय सैटेलाइट को लॉन्च करने के लिए हुआ था। 

वहीं इसके लॉन्च होने के बाद देश की संचार व्यवस्था और मजबूत हो जाएगी। इससे इंटरनेट की स्पीड बढ़ेगी। साथ ही देश में जहां नेटवर्क नहीं है, वहां मोबाइल नेटवर्क का विस्तार हाेगा। इसके अलावा डीटीएच सेवाओं में भी सुधार होगा। यह एक दूरसंचार उपग्रह है, जो इनसैट सैटेलाइट की जगह काम करेगा। इसमें दो सोलर पैनल और बैटरी लगी है, जिससे इसे ऊर्जा मिलेगी। पुराने संचार उपग्रह इनसैट सैटेलाइट की उम्र पूरी हो रही है। देश में इंटरनेट की नई तकनीक आ रही है। 5जी पर काम चल रहा है। ऐसे में ज्यादा ताकतवर सैटेलाइट की जरूरत थी। जीसैट-30 उपग्रह इन्हीं जरूरतों को पूरा करेगा।

Rani Naqvi
Rani Naqvi is a Journalist and Working with www.bharatkhabar.com, She is dedicated to Digital Media and working for real journalism.

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