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इस बार योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम उत्तराखंड में होना हमारा सौभाग्य: त्रिवेंद्र सिंह रावत

09 46 इस बार योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम उत्तराखंड में होना हमारा सौभाग्य: त्रिवेंद्र सिंह रावत

नई दिल्ली।  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21जून) के मौके पर भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व मे योग की धूम देखने को मिल रही है। लोगों के अंदर योग के प्रति जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। योग दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने 55हजार लोगों के साथ उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में योग करके लोगों को योग के प्रति संदेश दिया। इस मौके पर युवा बुजुर्ग भी इस कार्यक्रम में शामिल थे।

09 46 इस बार योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम उत्तराखंड में होना हमारा सौभाग्य: त्रिवेंद्र सिंह रावत

आपको बता दें कि ये कार्यक्रम भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) परिसर में आयोजित किया गया था। योग दिवस के मौके पर उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी योग किया और जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह देखकर सुखद अनुभूति होती है कि हमारी प्राचीन सभ्यता और जीवन दर्शन का हिस्सा रहा योग आज वैश्विक शांति और कल्याण में अहम भूमिका निभा रहा है। यह हमारा सौभाग्य है कि इस बार योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम देवभूमि उत्तराखंड में हो रहा है।

देवभूमि का योग से नाता

यह सुखद संयोग है कि योग की इस धरा में 50 हजार से ज्यादा लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सानिध्य में योग करने का मौका मिलेगा। देवभूमि का योग से सदियों पुराना नाता है। ऋषिकेश तो आज भी योग की राजधानी के नाम से जाना जाता है। यहां दुनिया के कोने-कोने से लोग योग और आध्यात्म के लिए आते हैं। 60 के दशक में ऋषिकेश में प्रसिद्ध बीटल्स आश्रम की स्थापना के साथ योग को संगीत के जरिए एक नया मुकाम मिला और योग ऋषिकेश की वादियों से दुनियाभर में फैल गया। विश्व स्वास्थ्य संस्था द्वारा ऋषिकेश को विश्व योग केंद्र की संज्ञा दी गई।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की मेजबानी

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने योग दिवस पर आगे कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के केंद्र में पर्यटन है। आध्यात्मिक और वेलनेस टूरिज्म हमारे कोर सेक्टर रहे हैं। ऐसे में देवभूमि को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की मेजबानी मिलना किसी वरदान से कम नहीं। देवभूमि से योग का संदेश दुनिया के कोने कोने में जाएगा तो यह विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में सहायक होगा।

‘सर्वे भवंतु सुखिना, सर्वे संतु निरामया,’

उत्तराखंड को योगभूमि के तौर पर पहचान मिलेगी। पर्यटन को बढ़ाने के मकसद से योग दिवस का आयोजन इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह सर्वविदित है कि भारतवर्ष ने ‘सर्वे भवंतु सुखिना, सर्वे संतु निरामया,’ का भाव दुनिया को दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी इसी भाव को चरितार्थ करते हुए योग के जरिए वैश्विक कल्याण के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की कल्पना की। योग ही एकमात्र ऐसा विकल्प है जो समस्त विश्व को एकसूत्र में बांध सकता है।

रावत ने कहा कि आज योग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की वजह से योग वैश्विक आकर्षण का केंद्र बना है। प्रधानमंत्री जी की कोशिशों के चलते योग आज एक जन आंदोलन बन चुका है। इसीलिए आज दुनिया योग के जरिए फिटनेस से वेलनेस और वेलनेस से हैप्पीनेस की तरफ बढ़ रही है।

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