December 2, 2021 12:41 am
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लखनऊ विश्‍वविद्यालय में इंटरफेस कार्यक्रम, बताए गए मेंटली हेल्‍दी रहने के तरीके

लखनऊ विश्‍वविद्यालय में इंटरफेस कार्यक्रम, बताए गए मेंटली हेल्‍दी रहने के तरीके     

लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के छात्र परिषद द्वारा “महामारी के समय मानसिक स्वच्छता” विषय पर ऑनलाइन माध्यम से इंटरफेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के तौर पर नेशनल पीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार खत्री एवं लविवि के मनोविज्ञान विभाग से डॉ. मानिनि श्रीवास्तव मौजूद रहीं।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान देने की जरूरत  

कार्यक्रम की शुरुआत लखनऊ यूनिवर्सिटी के समाज कार्य विभाग के छात्र कमेटी के सदस्य आदित्य सिन्हा ने की। उसके डॉ. श्रीवास्तव ने मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वच्छता पर अपने विचार रखे। साथ ही वक्ताओं ने बताया कि, हमें मानसिक स्वास्थ्य पर भी उतना ही ध्यान देने की जरूरत है, जितना हम शारीरिक स्वास्थ्य पर देते हैं।

इसी के साथ संतुलित मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकताओं पर भी चर्चा हुई। शोधार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह भी बताया गया कि, हमें होने वाली शारीरिक समस्याएं पूर्णतया मानसिक समस्याओं से जुड़ी हुई होती हैं और हम इन पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। इंटरफेस का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं दैनिक जीवन में इसके महत्व के बारे में जागरुकता फैलाना था, क्योंकि महामारी के समय में मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करना स्वयं के लिए महत्वपूर्ण है।

तीन मानकों के बीच संतुलन

डॉ. प्रदीप कुमार खत्री और डॉ. मानिनि श्रीवास्तव ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व की चर्चा करते हुए प्रतिभागियों को शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में बताया। डॉ. खत्री ने मानसिक स्वच्छता के तीन पैरामीटर दिए जो व्यक्तियों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक कल्याण को आवरण करते हैं। इन तीन मानकों के बीच संतुलन भी बताया।

इस कार्यक्रम में लविवि के डॉ. अनूप कुमार भारतीय, बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के समाज कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रणवीर सिंह, लविवि के समाज कार्य विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं चीफ प्रॉक्टर प्रो. ए. एन. सिंह, उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से डॉ. अलका वर्मा और करीब सौ से अधिक छात्र-छात्राएं, शोधार्थी, शिक्षक व अन्‍य लोग उपस्थित रहे। लविवि की शोध विद्यार्थी आमरीन खान कार्यक्रम की संयोजक रहीं और हरीम फातिमा नोमानी कार्यक्रम की समन्वयक थीं।

प्रतिभागियों के प्रश्‍नों के दिए गए उत्‍तर

प्रतिभागियों के सभी प्रश्नों का उत्तर वेबिनार में मौजूद दो पेशेवरों द्वारा शानदार तरीके से दिया गया। इसके बाद लखनऊ विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग की छात्रा सिदरा अहमद ने सभी प्रतिभागियों का आभार प्रकट करते हुए इस इंटरफेस का अंत किया।

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