भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज हुए 31 के, उतार-चढ़ाव से भरा रहा करियर

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा आज 31 साल के हो गए हैं। उनका जन्म 31 अप्रैल 1987 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। रोहित शर्मा की बात करे तो वो भारतीय टीम में लिमिटेड ओवर्स के बेहतरीन बल्लेबाज माने जाते हैं इसलिए वनडे इंटरनेशनल में उनके नाम एक या दो नहीं बल्कि तीन दोहरे शतक दर्ज हैं। साथ ही एकदिवसीय मैचों में भी रोहित ने अपना लोहा मनवाया है। उनके नाम एकदिवसीय मैचों में सबसे लंबी पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है।

अपने अब तक के करियर में रोहित 180 वनडे मैच खेल चुके हैं, जिनमें से तीन में उन्होंने दोहरे शतक,17 में शतक और 34 में अर्धशतक लगाए हैं। इस दौरान रोहित ने 44.5 की औसत से 6,594 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 86.96 का रहा है। वहीं टी-20 की बात करे तो इसमें भी रोहित ने अपने बल्ले से कई यादगार पारियां खेली हैं रोहित ने 79 टी-20 मैचों में 1852 रन बनाए, जिसमें उन्होंने दो शतक और 14 अर्धशतक लगाए हैं।

 रोहित से जुड़ी कुछ खास बाते 
रोहित ने साल 2017 में श्रीलंका के खिलाफ कप्तानी करते हुए टी-20 मैच में ऐतिहासिक पारी खेली थी। भारत के दौरे पर आई श्रीलंकाई टीम को इंदौर में रोहित के बल्ले का कोपभाजन झेलना पड़ा जब रोहित ने मात्र 35 गेंदों पर शतक जमा दिया। इस पारी में रोहित ने कुल 43 गेंदें खेलकर 118 रन की पारी खेली। इसके साथ ही रोहित ने टी-20 इंटरनेशनल मैचों में सबसे तेज शतक बनाने वाले बल्लेबाज डेविड मिलर के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली।
रोहित शर्मा नवंबर और दिसंबर महीनों में कुछ ज्यादा ही सक्रिय रहते हैं चाहे वो क्रिकेट का मैदान हो या फिर निजी जीवन। रोहित शर्मा ने अपने वनडे करियर में तीन दोहरे शतक लगाए हैं। आपको बता दें कि ये तीनो दोहरे शतक रोहित ने नवंबर और दिसंबर के महीनों में ही लगाये हैं। रोहित शर्मा ने अपने शुरुआती दो टेस्ट मैचों में दो लगातार शतक बनाए और ये भी एक संयोग ही है कि ये दोनों ही शतक नवंबर महीने में ही लगे। इसके अलावा उन्होंने अपने टेस्ट करियर का तीसरा शतक भी नवंबर के महीने में ही बनाया ।

आईपीएल में रोहित का दमखम

इन दिनों देश में क्रिकेट के सबसे बड़े त्योहार आईपीएल की धूम मची हुई है, जिसको देखने के लिए हर कोई बेताब हो रहा है। इसी बीच आईपीएल में रोहित शर्मा की कप्तानी में मुंबई की टीम कुछ खास कमाल नहीं दिखा पा रही है। हालांकि हमें ये नहीं भूलना चाहिए की रोहित ने अपनी टीम को तीन बार आईपीएल का खिताब दिलाया है। मौजदा सत्र में टीम ने सात में से सिर्फ दो मैचों में जीत दर्ज की है। हालांंकि 2015 में भी टीम की यही स्थिति थी लेकिन इसके बावजूद रोहित की टीम ने अपने रंग में वापस आते हुए साल 2015 का खिताब जीता।

 

आइपीएल में हिस्सा ले रहे दुनियाभर के खिलाड़ियों में रोहित शर्मा ही एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो चार बार आइपीएल की खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। इनमें से तीन बार तो अपनी ही कप्तानी में उन्होंने मुंबई इंडियंस को चैंपियन बनाया है तो एक बार वो बतौर खिलाड़ी के तौर पर भी डेक्कन चार्जर्स का हिस्सा रहे थे जब साल 2009 में डेक्कन चार्जर्स ने आइपीएल का खिताब जीता था। रोहित ने अपनी कप्तानी में मुंबई इंडियंस को साल 2013, 2015 और 2017 में चैंपियन बना चुके हैं।

गौरतलब है कि रोहित का करियर हमेशा उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरता रहा है। जब रोहित की असफलताओं का दौर होता था तो टीवी, अखबार, सोशल मीडिया चारो ओर आलोचनाओं का अंबार लग जाता था। लेकिन जैसे ही ‘हिटमैन’ का बल्ला चलता है ये आलोचक तारीफों के पुल बांधने में लग जाते हैं। कहा जाता है कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। यही बात रोहित के ऊपर भी लागू होती है वो  क्रिकेट के सबसे ज्यादा अनिश्चित खिलाड़ी हैं। कभी वो बिलकुल फॉर्म में नहीं होते तो कभी वनडे मैच में ही दोहरा शतक ठोंक देते हैं।