स्विस बैंकों में जमा भारतीयों का धन चार साल में पहली बार बढ़कर एक अरब स्विस फैंक के दायरे में पहुंचा

नई दिल्‍ली। पिछले साल स्विस बैंकों में जमा भारतीयों का धन चार साल में पहली बार बढ़कर एक अरब स्विस फैंक (7,000 करोड़ रुपए) के दायरे में पहुंच गया। जो एक साल पहले की तुलना में 50 फीसदी ज्‍यादा है। ये आंकड़े स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों से सामने आए हैं। इसके अनुसार भारतीयों द्वारा स्विस बैंक खातों में रखा गया धन 2017 में 50% से अधिक बढ़कर 7000 करोड़ रुपये (1.01 अरब फ्रेंक) हो गया। इन ताजा आंकड़ों के जारी होने के बाद विपक्ष के साथ-साथ सरकार के अपने ही सांसद भी हमलावर हो गए हैं।

 

 

बता दें कि इनमें पहला नाम है सुब्रमण्‍यन स्‍वामी का। भाजपा सांसद सुब्रमण्‍यन स्‍वामी ने इस मामले में एक बार फि‍र से वित्‍त मंत्रालय पर निशाना साधा है। उन्‍होंने ट्वीट करते हुए लिखा वित्त सचिव अढिया के लिए एक बड़ी कामयाबी, एक तरफ पूरी दुनिया का स्विस बैंक में डिपोजिट सिर्फ 3 फीसदी बढ़ा है, तो भारतीयों का 50 फीसदी बढ़ गया है। अढि‍या इससे भी ज्यादा मैनेज कर सकते थे, अगर राजेश्वर (ईडी अफसर) बीच में ना आते। सुब्रमण्‍यन स्‍वामी के इस हमले को एक बार फिर से वित्‍त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ हमला देखा जा रहा है। वह पहले भी अरुण जेटली पर प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष रूप से हमला बोलते रहते हैं।

वहीं इससे पहले तीन साल यहां के बैंकों में भारतीयों के जमा धन में लगातार गिरावट आई थी। अपनी बैंकिंग गोपनीयता के लिए पहचान बनाने वाले इस देश में भारतीयों के जमाधन में ऐसे समय दिखी बढ़ोतरी हैरान करने वाली है जबकि भारत सरकार विदेशों में कालाधन रखने वालों के खिलाफ अभियान चलाए हुए है। स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) के सालाना आंकड़ों के अनुसार स्विस बैंक खातों में जमा भारतीय धन 2016 में 45 प्रतिशत घटकर 67.6 करोड़ फ्रेंक ( लगभग 4500 करोड़ रुपये) रह गया। यह राशि 1987 से इस आंकड़े के प्रकाशन की शुरुआत के बाद से सबसे कम थी।