asean पीएम ने किया एलान, कोविड-19 आसियान रिस्पॉन्स फंड में 10 लाख डॉलर देगा भारत
कोविड-19 आसियान रिस्पॉन्स फंड में 10 लाख डॉलर देगा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत और 10 दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों के संगठन आसियान के बीच डिजिटल शिखर बैठक की सह-अध्यक्षता की. इस शिखर सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और आसियान के बीच रणनीतिक साझेदारी साझा ऐतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक धरोहर पर आधारित है. आसियान समूह शुरू से भारत की ‘एक्‍ट इस्‍ट नीति’ का मूल केंद्र रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा‍ कि हमारा मानना है कि इस क्षेत्र में सबकी सुरक्षा और विकास के लिए मजबूत और उत्तरदायी आसियान जरूरी है.

इस शिखर सम्मेलन में सभी दस आसियान सदस्य राज्यों के नेताओं ने भाग लिया. इस दौरान पीएम मोदी ने दोनों पक्षों के बीच सभी तरह के संबंधों को मजबूत बनाने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में हम और करीब आए हैं और यह सम्मेलन दूरियों को और कम करने का काम करेगा.

कोविड-19 आसियान रिस्पॉन्स फंड में 10 लाख डॉलर
उन्होंने कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में भारत-आसियान के संबंधों का लाभ उठाने पर जोर दिया. विदेश मंत्रालय (MEA) के जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने महामारी से लड़ाई में आसियान के पहल की सराहना की और कोविड-19 आसियान रिस्पॉन्स फंड में 10 लाख डॉलर की राशि देने की घोषणा की.

हर तरह की कनेक्टिविटी के महत्व को बताया
प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान और भारत के बीच ज्यादा से ज्यादा भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी के महत्व को बताते हुए कहा कि भारत और आसियान के बीच हर तरह के संपर्क को बढ़ाना हमारी प्रमुख प्राथमिकता है. उन्होंने कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए आसियान देशों को 1 बिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन की पेशकश को भी दोहराया.

MEA के बयान में आगे कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ‘भारत और आसियान की रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर पर आधारित है. आसियान समूह शुरू से ही हमारी ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का मूल केंद्र रहा है.
उन्होंने भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल और हिंद-प्रशांत पर आसियान के आउटलुक के महत्व को बताते हुए कहा कि भारत के ‘इंडो पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव’ और आसियान के ‘आउटलुक ऑन इंडो पैसिफिक’ के बीच कई समानताएं हैं. उन्होंने आसियान देशों को भारत के भारत-प्रशांत महासागरीय पहल (IPOI) के अलग-अलग आधारों पर सहयोग करने के लिए भी आमंत्रित किया.

आसियान नेताओं ने भारत का किया समर्थन
विदेश मंत्रालय ने कहा कि आसियान नेताओं ने भी क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए भारत के योगदान की सराहना की और आसियान की केंद्रीयता के लिए भारत के समर्थन का स्वागत किया. सदस्य देश के नेताओं ने 2021-2025 के लिए नए आसियान-भारत प्लान का स्वागत किया.
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि शिखर सम्मलेन में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, आतंकवाद समेत दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक रवैये को लेकर भी चर्चा की गई इसी के साथ नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने, क्षेत्र में एक नियम-आधारित आदेश को बढ़ावा देने के साथ दक्षिण चीन सागर में शांति, स्थिरता, सुरक्षा और सुरक्षा को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया.

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