January 29, 2022 3:09 pm
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हिन्‍दू-मुस्लिम एकता के बिना भारत का भला नहीं हो सकता: मोहन भागवत

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गाजियाबाद/लखनऊ। राष्ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत (Dr. Mohanrav Bhagwat) ने रविवार को कहा कि हिन्‍दू-मुस्लिम एकता के बिना भारत का भला नहीं हो सकता। हम लोग एक हैं, हमारा डीएनए एक है। हमारी एकात्‍मकता का आधार आत्‍मीयता है।

इस आधार पर विचार करेंगे तो अपनेपन का भाव आयेगा ही। इसलिए हमें आपस में झगड़ा करने की जरूरत नहीं है। वह रविवार को गाजियाबाद के वसुंधरा में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

सरसंघचालक ने कहा कि राष्‍ट्र की प्रगति संगठित समाज के बिना नहीं हो सकती। यह देश हमारा है इसलिए हमें देश की एकता अखण्‍डता के साथ खड़ा होना होगा। उन्‍होंने कहा कि भारत को विश्‍व गुरू बनाना दुनिया की आवश्‍यकता है।

उन्‍होंने कहा कि अगले चुनाव में हम मुस्लिमों का वोट पाने के लिए ऐसा नहीं बोल रहे हैं। हम राष्‍ट्रहित के पक्ष में हैं संघ का हमेशा से यही विचार रहा है लेकिन आज हमारी शक्ति बढी है तो हमारी आवाज लोग सुनते हैं।

राजनीतिज्ञों ने मुस्लिमों में डर पैदा किया

डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि राजनीतिज्ञों ने मुस्लिमों में डर पैदा करने का कार्य कियाा डरने वाला व्‍यक्ति न तो संगठित हो सकता है और न ही विकास कर सकता है। उन्‍होंने कहा कि मनुष्‍य को जोड़ने का कार्य राजनीति नहीं कर सकती संघ हिन्‍दू समाज का संगठन करता है। इसका मतलब यह नहीं कि हम किसी के विरोध में काम करते हैं हम सबकी श्रद्धा का आदर करते हैं।

इमेज की परवाह नहीं करता संघ

सरसंघचालक ने कहा कि संघ इमेज की परवाह नहीं करता। संघ किसी के विरोध व प्रतिक्रिया में भी कार्य नहीं करता। हम व्‍यक्ति निर्माण का कार्य करते हैं। प्रजातंत्र में अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता का अ‍‍धिकार सबको है, वैचारिक समन्‍वय एक पहल पुस्‍तक के बारे में में डॉ मोहन भागवत ने कहा कि पुस्‍तक में प्रमाणिक आह्वान है।

मोहन भागवत ने किया वैचारिक समन्‍वय एक पहल पुस्‍तक का विमोचन

राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत ने डॉ. ख्‍वाजा इफितखार अहमद द्वारा लिखित पुसतक वैचारिक समन्‍वय एक पहल का विमोचन किया। ख्वाजा इफ्तिखार अहमद ने इस पुस्तक में हिन्दू और मुसलमानों के बीच सकारात्मक और स्वस्थ संवाद क्यों जरूरी है इसका उल्लेख किया है।

इस पुस्तक में देश के प्रमुख मत-पंथों के विचारकों और विद्वानों के राष्ट्रीय एकात्मकता को पुष्ठ करने वाले संदेशों को भी समाहित किया गया है। यह कार्यक्रम मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की सहयोगी संस्था हिन्दुस्तान फर्स्ट हिन्दुस्तान ई वेस्ट के बैनर पर आयोजित किया गयाा

आरएसएस के बारे में मुस्लिमों के बीच फैली गलतफहमियों को दूर करने में सहायक होगी यह पुस्‍तक

यह पुस्‍तक आरएसएस के बारे में मुस्लिम समाज के बीच फैली भ्रानितयों को दूर करने में सहायक साबित होगी मुस्लिम राष्ट्रीय मंच इस पुस्तक के माध्यम से आरएसएस (RSS), बीजेपी (BJP) और मुसलमानों के बीच सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना चाहता है। यह पुस्तक कोरोना वैक्सीन के बारे में भी मुस्लिम समाज में फैली गलतफहमी दूर करने में सहायक होगी।

पुस्तक विमोचन के दौरान संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इन्द्रेश कुमार, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक मो. अफजाल और भारत फर्स्ट के राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट शिराज कुरैशी, प्रोफेसर साहिद अख्‍तर और बिलाल उर रहमान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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