September 23, 2021 12:19 pm
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भारत और अमेरिका के ये बड़े चीन के लिए बने मुसीबत..

modi trump pti भारत और अमेरिका के ये बड़े चीन के लिए बने मुसीबत..

पूरी दुनिया को कोरोना में फंसाकर विस्तावादी नीतियों के चलते चीन अब बुरी तरह से फंस गया है। अभी तक अमेरिका सिर्फ चीन को चेतावनी दे रहा था। लेकिन अब अमेरिका एक्टिव मोड में आ गया है। जिसकी वजह से चीन के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है।अमेरिका ने चीन के खिलाफ तीन बड़े कदम उठाये हैं। पहला, सैन्य घेराबंदी, दूसरा वाणिज्य दूतावास बंद करना और तीसरा चीनी हैकरों पर निशाना साधना। अमेरिका पूरे एशिया में अपनी सेनाओं की मौजूदगी बढ़ा रहा है।

chaina 1 भारत और अमेरिका के ये बड़े चीन के लिए बने मुसीबत..
अमेरिकी रक्षा सचिव मार्क एस्पर ने इस योजना की रूपरेखा तैयार की है। अमेरिका नौसेना के जहाजों को एशिया भेज रहा है और ताइवान को हथियार उपलब्ध करा रहा है। दक्षिण चीन सागर और ताइवान के आसपास चीनी जहाजों की सक्रियता को ध्यान में रखते हुए अमेरिका मजबूत गठबंधन बना रहा है।तो वहीं दूसरी तरफ पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प का अमेरिका ने खुलकर भारत का समर्थन किया है। गलवान घाटी में झड़प के मामले में अमेरिकी संसद ने भारत के समर्थन और चीन के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया है। इसके साथ ही अमेरिका ने ये भी माना है कि चीन गलवान घाटी पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।

भारतीय अमेरिकी सांसद एमी बेरा और एक अन्य सांसद स्टीव शैबेट ने एनडीएए संशोधन का प्रस्ताव पेश किया। इसमें कहा गया है कि भारत-चीन को एलएसी के पास तनाव कम करने के लिए काम करना चाहिए। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। प्रस्ताव में गलवान घाटी में भारत के खिलाफ चीन की आक्रामकता और दक्षिण चीन सागर जैसे क्षेत्रों में चीन की बढ़ती दखलअंदाजी पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।

अमेरिकी रक्षा सचिव मार्क एस्पर ने कहा कि भारत-चीन सीमा तनाव पर अमेरिका भी बारीक निगरानी रखे है। अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस निमित्ज और भारतीय नौसैनिक जहाजों के बीच हिंद महासागर में संयुक्त अभ्यास के कुछ ही घंटों बाद आए इस बयान में एस्पर ने कहा कि भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण भागीदारी है।

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इस तरत भारत का समर्थन करके अमेरिका चीन पर लगाम लागने की कोशिश कर रहा है। जिसका चीन को अच्छे से अंदाजा हो चला है। इसलिए वो अमेरिका को चेतावनी दे रहा है।

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