अमेरिकी कांग्रेस में विपक्षी सांसदों ने पारिवारिक पुनर्मिलन विधेयक किया पेश

लॉस एंजेल्स। अमेरिका में काम कर रहे अन्य देशों के आईटी कर्मियों की चिंता के मद्देनजर भारतीय मूल के तीन जनप्रतिनिधियों समेत पचास सांसदों ने बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा में पारिवारिक पुनर्मिलन विधेयक प्रस्तुत किया। यह विधेयक कांग्रेस में एशियन पैसिफिक नेता और डेमोक्रेट सांसद जूडी छू ने पेश किया।

US Congress opposition
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बता दें कि विदित हो कि श्रृंखलाबद्ध आव्रजन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगातार आपत्तियों के कारण अमेरिका में एक बार फिर एच -1बी वीजाधारी आईटी कर्मियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।अमेरिका में आठ लाख भारतीय आईटी कर्मियों के अतिरिक्त चीन, फ़िलीपींस और प्रशांत क्षेत्र के देशों के करीब 44 लाख एशियाई कुशल कर्मी हैं। ये लोग ग्रीन कार्ड की वर्षों से बाट जोह रहे हैं।

वहीं संसद में विधेयक पेश होने के बाद भारतीय मूल के तीन डेमोक्रेट सांसदों- प्रोमिला जयपाल (वाशिंगटन), आरओ खन्ना (कैलिफ़ोर्निया और राजा कृष्ण मूर्ति (इलिनोइस) ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ‘इमीग्रेशन’ की यह मूल भावना रही है कि परिवार संयुक्त रहें। इसलिए पढ़ा लिखाकर बच्चों को अमेरिका भेजने वाले माता-पिता को श्रृंखलाबद्ध आव्रजन के नाम पर वीजा देने से इंकार करना कितना उचित है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गत 30 जनवरी को अपने कार्यकाल के एक साल पूरे होने के बाद स्टेट आॅफ यूनियन सम्बोधन में श्रृंखलाबद्ध आव्रजन को हतोत्साहित किए जाने पर ज़ोर दिया था। हालांकि उन्होंने अमेरिका में कुशल आईटी कर्मियों और उनके परिजनों को वीज़ा दिए जाने की बात स्वीकार की थी, लेकिन ऐसे सभी कुशल कर्मियों के माता-पिता तथा भाई बहनों को अमेरिका में स्थाई वीज़ा दिए जाने को हतोत्साहित किया था।