September 22, 2021 1:54 pm
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निजामुद्दीन मरकज में मसूरी के पांच और नैनीताल के आठ लोग शामिल होकर वापस लौटे

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देहरादून। निजामुद्दीन मरकज में मसूरी के पांच और नैनीताल के आठ लोग शामिल होकर वापस लौटे थे। मरकज में तब्लीगी जमात में शामिल लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद देशभर में अफरातफरी का माहौल है। अब तक निजामुद्दीन मरकज में उत्तराखंड के 26 लोगों के शामिल होने की बात सामने आ चुकी है। खुफिया तंत्र की जांच पड़ताल में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि प्रदेश के 280 लोग अभी जमात में बाहर गए हुए हैं। ये लोग देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, टिहरी और उत्तरकाशी के बताए गए हैं।  रानीखेत में सात जमातियों को क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है। बताया जा रहा है कि सातों फरवरी में जमात में पीलीभीत तक गए थे, लेकिन एक दिन पहले निजामुद्दीन जमात से लौटे चारों लोगों के संपर्क में थे। एहतियात के तौर पर इन्हें क्वारंटीन किया गया है।

नैनीताल में तबदील जमात के आठ लोग मिले

मसूरी के जमातियों के मरकज में शामिल होने की बात से शासन प्रसासन में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं नैनीताल में तबदील जमात के आठ लोग मिले हैं। जिन्हें पुलिस ने मंगलवार को देर रात अस्पताल में भर्ती कराया है। 31 मार्च को जारी हुई लिस्ट में इनके नाम शामिल हैं और इनकी कॉन्टेक्ट हिस्ट्री भी है। ये लोग यहां मल्ली ताल में देखे गए, जिसकी जानकारी क्षेत्र के लोगों ने पुलिस को दी। देर रात पुलिस प्रशासन के साथ डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और जमाती सहित उनके परिवार के सदस्यों को भी ले गई।

उत्तरकाशी से इस साल कुल नौ लोग बाहरी राज्यों एवं देशों में जमात के लिए गए

जनपद उत्तरकाशी से इस साल कुल नौ लोग बाहरी राज्यों एवं देशों में जमात के लिए गए थे। इनमें से तीन लोग वर्तमान में दिल्ली में क्वारंटीन हैं, जबकि छह लोग ऊना हिमाचल प्रदेश में हैं। मुस्लिम धर्म के प्रचार के लिए हर साल जिले से भी मुस्लिम समुदाय के कई लोग बाहरी क्षेत्रों में जमात पर जाते हैं। इस वर्ष मोरी क्षेत्र के तीन लोग जमात के लिए मलेशिया गए थे और वहां से लौटकर वे दिल्ली में आयोजित जलसे में शामिल हुए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन तीनों को दिल्ली में ही क्वारंटीन किया गया है। जबकि मोरी क्षेत्र से ही छह लोग हिमाचल प्रदेश के ऊना में जमात पर गए थे। यह लोग भी वापस नहीं लौटे हैं। ऐसे में दिल्ली में आयोजित जलसे में शामिल हुए लोगों के माध्यम से जिले में कोरोना संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।

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