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टीका लगने के बाद भी हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री कोरोना पाॅजिटिव, अंबाला कैंट में भर्ती

9a2b9325 c4a1 4f94 8ae0 0168a1a31452 टीका लगने के बाद भी हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री कोरोना पाॅजिटिव, अंबाला कैंट में भर्ती

फाइल फोटो

हरियाणा। कोरोना ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है। कोरोना अभी का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। जैसे हालात पहले बने हुए थे ठीक वैसी अब भी बने हुए हैं। कोरोना के विकराल रूप को देखते हुए सभी देश परेशान है। लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है। भारत सहित सभी देशों द्वारा कोरोना वैक्सीन बनाए जाने की कवायद तो शुरू है, लेकिन अभी तक किसी को भी सफलता नहीं मिली है। इसी बीच हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, मैं कोरोना संक्रमित पाया गया हूं, मैं सिविल अस्पताल अंबाला कैंट में भर्ती हूं, जो लोग भी मेरे संपर्क में आए हैं उन्हें यह सलाह दी जाती है कि वे कोरोना की जांच कराएं।

मल्टिसेंटर थर्ड फेस ट्रायल भारत में 22 जगहों में होगा-

बता दें कि हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। गौरतलब है कि कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के दौरान 20 नवंबर को अनिल विज को कोरोना वैक्सीन के टीके लगाए गए थे। राज्य में कोरोना वायरस महामारी के बचाव के लिए भारत बायोटेक और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की दवा कोवैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल शुरू किया गया था। वैक्सीन के पहला और दूसरे चरण का परीक्षण और विश्लेषण सफल रहा है और पिछले महीने की 20 तारीख से तीसरे चरण का ट्रायल शुरू किया गया। पहले और दूसरे चरण के ह्यूमन ट्रायल में करीब एक हजार वॉलंटियर्स को यह वैक्सीन दी गई थी। इस वैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण भारत में 25 केंद्रों में 26,000 लोगों के साथ किया जा रहा है। ये भारत में कोविड-19 वैक्सीन के लिए आयोजित होने वाला सबसे बड़ा ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल है। परीक्षण के दौरान वॉलंटियर्स को लगभग 28 दिनों के भीतर दो इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। परीक्षण डबल ब्लाइंड कर दिया गया है जिससे कि इन्वेस्टिगेटर, प्रतिभागियों और कंपनी को यह पता नहीं होगा कि किस समूह को सौंपा गया है। इसमें वॉलंटियर्स को कोवैक्सीन या प्लेसीबो दिया जाएगा। इस परीक्षण में भाग लेने के इच्छुक स्वयंसेवकों की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। ये मल्टिसेंटर थर्ड फेस ट्रायल भारत में 22 जगहों में होगा।

कोवैक्सीन पर देश वासियों की उम्मीदें टिकी-

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बची पूरी दुनिया को कोरोना वायरस की वैक्सीन का इंतजार है। वैक्सीन बनाने की दौड़ में भारत भी शामिल है। भारत की अपनी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन पर देश वासियों की उम्मीदें टिकी हुई हैं। बता दें कि देशभर के 20 रिसर्च सेंटरों में 25,800 वालंटियर्स को कोवैक्सीन की डोज दी जाएगी। 20 सेंटरों में से एक पीजीआईएमएस रोहतक में भी वालंटियरों को यह डोज दी जाएगी।

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