गुजरात में सामान्य वर्ग के गरीबों को शिक्षा और नौकरियों में 10% आरक्षण मिलना होगा शुरू

गुजरात में सामान्य वर्ग के गरीबों को शिक्षा और नौकरियों में 10% आरक्षण मिलना होगा शुरू

गांधीनगर। गुजरात में सोमवार से सामान्य वर्ग के गरीबों को शिक्षा और नौकरियों में 10% आरक्षण मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए गुजरात सरकार ने केंद्र द्वारा घोषित 10% आरक्षण की योजना का आधार बनाया है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने रविवार को इसकी घोषणा की। इस व्यवस्था का फायदा अब तक आरक्षण व्यवस्था से वंचित गुजरात के सामान्य वर्ग के लगभग डेढ़ करोड़ लोगों को मिलेगा, जो कुल आबादी का करीब 28% हैं। अब केंद्र सरकार द्वारा पारित सवर्ण आरक्षण को लागू करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य बन गया है। हालांकि ये 10% आरक्षण एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए पहले से लागू 49% आरक्षण से अलग है। इसलिए मौजूदा वर्ग के आरक्षण हितों पर कोई असर नहीं होगा। आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग के तमाम-वर्ग-जाति संप्रदाय के लोगों को 10 फीसदी अतिरिक्त आरक्षण मिलेगा।

बता दें कि मोदी के गृहराज्य गुजरात में गैर आरक्षित वर्ग को दो साल पहले ही आरक्षण देने की कोशिश हो चुकी है। पाटीदार आरक्षण आंदोलन के बीच सबसे पहले 29 अप्रैल 2016 में तत्कालीन मुख्यमं­त्री आनंदी बेन पटेल ने 6 लाख से कम सालाना आय वालों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की घोषणा की थी। तत्कालीन कैबिनेट ने बिल को मंजूरी दे दी थी, जिसे एक मई 2016 से लागू होना था, लेकिन मामला हाईकोर्ट में जाकर अटक गया। गुजरात सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी में गई, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली और तभी से यह मामला संवैधानिक बेंच के पास विचाराधीन है। एडवोकेट कश्यप जानी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए बिल को शुक्रवार को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद अब 6 लाख की बजाय 8 लाख सालाना आय वालों को इसका लाभ मिलेगा।

इनको मिलेगा फायदा

जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रुपए से कम हो।
जिनके पास खेती की 5 एकड़ से कम जमीन हो।
एक हजार वर्ग फीट से कम आवासीय जगह में रहने वाले परिवारों को।
मनपा क्षेत्र में 100 वर्ग फीट से कम का प्लॉट हो।
निकाय क्षेत्र के बाहर 200 वर्ग फीट से कम का आवासीय प्लॉट हो।

इस क्षेत्र में मिलेगा फायदा

नौकरी में भर्ती और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए।
प्रदेश की वो भर्ती प्रक्रियाएं, जिनमें अभी परीक्षा होनी बाकी हो।
14 जनवरी से पहले लिखित, मौखिक या कम्प्यूटर परीक्षा हो चुकी है तो लाभ नहीं।
कई भर्ती प्रक्रियाओं की विज्ञप्ति दोबारा जारी हो सकती है।

इस तरह मिलेगा फायदा

आय का प्रमाण पत्र-जो तहसील या जनसेवा केंद्र से 50 रुपए शुल्क पर बनवा सकते हैं।
जाति प्रमाण पत्र- इसे अपने क्षेत्र की तहसील या जनसेवा केंद्र से बनवा सकते हैं।
आयकर रिटर्न-आय के दस्तावेज तैयार रखने होंगे।

लोक रक्षक सहित 80 परीक्षाओं में लाभ नहीं

जीपीएससी द्वारा 14 जनवरी तक कई सरकारी महकमों में भर्ती के क्रम में 80 तरह की भर्ती की परीक्षा ली जा चुकी है। इन परीक्षाओं में बैठे परीक्षार्थियों को 10% सवर्ण आरक्षण का फायदा नहीं होगा। पुलिस महकमे की लोक रक्षक परीक्षा, जो पेपर लीक कांड के चलते विवाद में आई थी उसमें भी लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि मुख्य परीक्षा ली जा चुकी है। सूत्रों का कहना है कि 75 प्रकार की भर्ती के लिए फिलहाल सिर्फ विज्ञापन जारी हुए हैं उनमें संभावना है।