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जीएसटी पर सेमिनार कल सरकार का दावा समय से लागू हो जाएगा नेटवर्क सिस्टम

Kanpur Station 10 जीएसटी पर सेमिनार कल सरकार का दावा समय से लागू हो जाएगा नेटवर्क सिस्टम

इलाहाबाद। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इण्डिया ट्रेडर्स (कैट) के इलाहाबाद इकाई द्वारा जीएसटी को लेकर उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र में जीएसटी एवं डिजिटल इंडिया सेमिनार’ का आयोजन 11 जून को किया गया है।

Kanpur Station 10 जीएसटी पर सेमिनार कल सरकार का दावा समय से लागू हो जाएगा नेटवर्क सिस्टम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप्र सरकार के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी होंगे और इसका उद्घाटन कैट के अध्यक्ष बी.सी. भारतीया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खण्डेलवाल द्वारा किया जायेगा। सेमिनार में कैट, टैली साल्यूशन और देश के बड़े कम्प्यूटर निर्माता एसर के साथ मिलकर देश के व्यापारियों के खातों के रखरखाव के लिए बनाए गए कम्प्यूटर एवं लैपटॉप बिजगुरू का भी अनावरण किया जायेगा।

GST की 116वीं मीटिंग
ये जीएसटी की 116वीं मीटिंग हैं। फाइनेंस मिनिस्टर की अध्यक्षता में होने वाली इस मीटिंग में कुछ प्रोटडक्टस का रेट रिव्यू किया जाएगा।

गौरतलब हैं कि एक जुलाई से प्रस्तावित चीजों और सेवा पर जीएसटी लागू होने के बाद अब सोने पर 3 फीसदी 500 रूपये से कम कीमत के जूते-चप्पल पर 5 फीसदी और बिस्किट पर 18 और बीड़ी 28 फीसदी जीएसटी लगेगा। लेकिन सिगरेट तरह बीड़ी के टैक्स पर सेस नहीं लगेगा। वहीं उम्मीद ये भी है कि जीएसटी इन दरों से बिस्किट और जूते चप्पल सस्ते हो सकते हैं।

क्योंकि इन पर टैक्स की प्रभावी दर जीएसटी की प्रस्तावित दर से अधिक है। खास बात यह है कि काउंसिल ने सोलर पैनल पर पूर्व में प्रस्तावित 18 फीसद जीएसटी की दर को घटाकर 5 फीसद करने का फैसला किया है। वहीं पूजा सामग्री के संबंध में जीएसटी की दर शून्य रखने का फैसला किया गया है

जबकि 18 फीसद से कम की श्रेणी में आने वाले उत्पाद पर उन्हें 40 फीसद इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा। काउंसिल की बैठक में मुनाफाखोरी रोकने के लिए जीएसटी कानून में लाए गए एंटी प्रॉफिटियरिंग नियम के तहत तंत्र बनाने के संबंध में भी विचार किया गया। साथ ही जीएसटी लागू होने की तैयारियों के संबंध में जीएसटी नेटवर्क की टीम ने एक विस्तृत प्रजेंटेशन भी दिया।

जीएसटी की पाठशाला में अब समझौते टैक्स का गणित भी पढ़ा जाएगा। जिसमें जीएसटी की आशंकाओं को दूर करने के लिए परिषद ने 18 समूह बनाएं हैं। इसी के साथ ही 1 जूलाई से जीएसटी लागू करने का रास्ता भी साफ हो चुका हैं। बाजारों में जीएसटी की दहशत इस कदर बढ़ी हुई हैं कि व्यापारी कई चीजों के दाम कम कर रहे हैं।

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