जीएसटी चैंपियन तैयार करेगा एच2 लाइफ फाउंडेशन

जीएसटी चैंपियन तैयार करेगा एच2 लाइफ फाउंडेशन

नई दिल्ली। जीएसटी को लेकर 1 जुलाई से सरकार ने जो प्रावदान लागू किए हैं। इसको लेकर आम लोगों में अलग-अलग धारणाएं बनी हुई हैं। सरकार की मंशा को लेकर कहीं लोग भयभीत हैं। तो उसरे टैक्स को लेकर भी तरह-तरह से आशंकित हैं। वे जीएसटी को समझने के लिए किसी ऐसे विशेषज्ञ की तलाश कर रहे हैं। जिसको माल और सेवा कर के बारे में पूरी तरह से जानकारी हो जिसके चलते आने वाले समय में वो जीएसटी के इस्तेमाल को लेकर गलतियां ना करें।

अब इस समस्या को देखते हुए एच2 लाइफ फाउंडेशन जो सार्वजनिक नीति और वकालत पर ध्यान देने वाले एक गैर सरकारी संगठन है। लोगों की इस मुश्किल पर सामने आया है। संगठन अब इस मामले में 20000 लोगों को प्रशिशित करेगा । जो कि जीएसटी चैंपियन के तौर पर ये छोटे उद्यमियों के जीएसटी टैक्सों को भरने में उनकी मदद करेंगे। इस मामले में एच 2 लाइफ फाउंडेशन अस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज की मदद से एक पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है। जिसके तहत तीन मॉड्यूल में इस कोर्स की व्यवस्था की गई है।

इस कोर्स में जीएसटी के सिद्धांतों इसके अलावा जीएसटी द्वारा मान्यता प्राप्त सॉफ्टवेयरों पर प्रशिक्षुकों को तैयार किया जायेगा। जिसके तहत वे जीएसटी फाइलिंग के क्षेत्र में अपना कैरियर बना सकेंगे। इस पाठ्यक्रम के जरिए इस क्षेत्र में प्रोफेशनल तौर पर छात्रों का प्रशिक्षण कर जीएसटी चैंपियन तैयार करना है। जिससे छोटे उद्योगों और व्यवसायियों को ये जीएसटी का रिटर्न फाइल करने में मदद कर सकें।

अस्पायर एक निजी लिमिटेड कम्पनी है। जो कि साल 2009 से ही शिक्षा के क्षेत्र में लगी हुई है। यह कम्पनी प्रोफेशनल कोर्सों के लिए पाठ्यक्रमों के मॉड्यूल तैयार करती है। मौजूदा समय में सरकार के जीएसटी प्रणाली लागू करने के बाद देश में दो करोड़ से ज्यादा करदाताओं को इस प्रणाली से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में अब य़ह कोर्स एक तरह से रोजगार को लेकर एक बड़ा कदम साबित होगा।

फाउंडेशन का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए देश में कई जगह पर संस्था द्वारा शिक्षण केन्द्रों को खोला जायेगा। उसके पहले हम जीएसटी को लेकर लोगों के बीच जागरूकता का अभियान चला रहे हैं। अब इस पाठ्यक्रम के जरिए लोगों के पास सहजता के साथ जीएसटी फाइलिंग का माध्यम भी उपलब्ध हो जायेगा। ये पाठ्यक्रम कौशल पर आधारित जीविका का साधन होगा।