December 6, 2021 11:12 am
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राज्यपाल राम नाइक ने याद किया अटल का  नारा ‘अंधेरा  छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा

अटल और रामनाईक राज्यपाल राम नाइक ने याद किया अटल का  नारा ‘अंधेरा  छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा

उत्तर प्रदेशःराज्यपाल राम नाइक ने अटल के निधन पर याद किया अटल बिहारी वाजपेयी का वो नारा जो उन्होंने 1980 में एक जनसभा में उनकी मौजूदगी में अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि कमल “भाजपा का चुनाव चिह्न” खिलेगा। आपको बता दें कि नाइक उस समय पार्टी की मुंबई इकाई के प्रमुख थे।राज्यपाल ने कहा कि रैली में अटल जी ने कहा था। ‘अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा’।  उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने कहा कि वाजपेयी के ऐसा कहते ही जनता ने नारा लगाया। “अगली बारी, अटल बिहारी।”

 

अटल और रामनाईक राज्यपाल राम नाइक ने याद किया अटल का  नारा ‘अंधेरा  छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा
राज्यपाल राम नाइक ने याद किया अटल का  नारा ‘अंधेरा  छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा

बीजेपी महाधिवेशन के आयोजकों को कार्यक्रमों में बहुत अधिक लोगों के हिस्सा लेने की उम्मीद नहीं थी

राज्यपाल ने कहा कि बीजेपी महाधिवेशन के आयोजकों को कार्यक्रमों में बहुत अधिक लोगों के हिस्सा लेने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन “करीब 58,000 से अधिक लोग शामिल हुए। राज्यपाल के मुताबिक यह आंकड़ा उम्मीद से बहुत बड़ा था।” बताते चलें कि अटल जी का 93 वर्ष की आयु में बीते रोज दिल्ली के ऐम्स में निधन हो गया है।राज्यपाल ने कहा एक राजनेता, प्रधानमंत्री और एक दोस्त के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी का राजस्थान से हमेशा नजदीकी रिश्ता रहा। वह पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत हों, पोखरण या शिवकुमार किसी न किसी बहाने वाजपेयी की डोर राजस्थान से जुड़ी रही।

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पोखरण में परमाणु परीक्षण करवाकर वाजपेयी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को बदलने का काम किया

जनसंघ की पहली पीढ़ी के तीन प्रमुख नेताओं में से एक भैंरोसिंह शेखावत से वाजपेयी की दोस्ती किसी से छुपी नहीं थी। शेखावत की बेटी की शादी में उन्होंने जयपुर में परिवार के प्रमुख सदस्य के रूप में सारे रस्मों रिवाज निभाए। शेखावत जब उपराष्ट्रपति बने तो वाजपेयी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा था कि ‘मिट्टी की धूल माथे पर चंदन का तिलक बनकर उभरी है।आपको बता दें कि राजस्थान के पोखरण में परमाणु परीक्षण करवाकर वाजपेयी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को बदलने का काम किया।‘ऑप्रेशन शक्ति’ के आधार पर मई 1998  में पोखरण में परमाणु परीक्षणों से धरा को कंम्पित कर दिया था।तभी वाजपेयी ने कहा कि ‘पोखरण परमाणु परीक्षण ने दुनिया बता दिया था कि भारत महान वैज्ञानिकों धरती है।

महेश कुमार यदुवंशी 

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