राइट टू एजुकेशन को लागू करने में विफल साबित हुई सरकार: खैहरा

चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने पंजाब सरकार पर राइट टू एजुकेशन एक्ट को सही तरकी से लागू नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। खैहरा ने कहा कि सरकार पिछले आठ सालों से केंद्र से राशि लने में विफल साबित हुई है। एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने साल 2010 से लेकर अब तक राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत केंद्र सरकार से मिलने वाली धनराशी नहीं ली हैं। राइट टू एजुकेशन टैक्स को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने साफ करते हुए कहा कि गरीबों और पिछड़ी जातियों के बच्चों को मुफ्त में निजी स्कूलों में भी शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए। 

खैहरा ने पंजाब सरकार पर सहीं तरीके से व्यवस्था लागू नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आरटीआई को लेकर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से कहा है कि पहले सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिलें होंगे और जब वहां जगह नहीं बचेगी तब कहीं जाकर के निजी स्कूलों में बच्चों का दाखिला लिया जाएगा। खैहरा ने कहा कि देश के बाकी राज्यों में इस तरह का कोई भी सिस्टम नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकारी स्कूलों के बुरे हालातों के चलते कोई भी अभिभावक अपने बच्चों को वहां नहीं पढ़ाना चाहता, इसलिए निजी स्कूलों में ये व्यवस्था लागू न होने से बीते 8 सालों में हजारों गरीबों बच्चों को ये अधिकार नहीं मिल पाया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने गुरुनानक देव जी के समारोह को लेकर ऑल पार्टी मीटिंग जरूर बुलाई है, लेकिन उस बैठक के बारे में मुझे पता नहीं है और न ही मुझे बैठक में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है।