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गोरखपुर को नई पहचान देगा खाद कारखाना, जानिए कब होगा लोकार्पण

गोरखपुर को नई पहचान देगा खाद कारखाना, जानिए कब होगा लोकार्पण

गोरखपुर: गोरखपुर में कई सालों से बंद पड़े खाद कारखाने का लोकार्पण जल्द किया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जुलाई में इस खाद कारखाने का लोकार्पण कर सकते हैं।

बड़ी संख्या में होगा रोजगार का सृजन

बाबा गोरक्षनाथ की नगरी गोरखपुर में खाद कारखाना खुलने के बाद बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा। इससे युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा, वहीं खाद कारखाने से जुड़ी दूसरी औद्योगिक इकाइयों की भी स्थापना होगी। इससे बेरोजगारी की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।

औद्योगिक और विकास कार्यों में आई तेजी

बता दें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूबे का मुखिया बनते ही गोरखपुर के औद्योगिक और विकास कार्यों में तेजी आई है। गोरखपुर अब विकास के नए-नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। सीएम योगी पूर्वांचल का हब माने जाने वाले गोरखपुर में विकास के रुके कामों को तेजी से करवा रहे हैं।

52 साल पहले हुई थी खाद कारखाने की स्थापना

गौरतलब है कि गोरखपुर के खाद कारखाने को आज से 52 साल पहले 1968 में जापान की टोयो नामक कंपनी ने लगाया था। तब इस प्लांट को गोरखपुर का सबसे आधुनिक प्लांट माना गया था। यहां की बनी हुई खाद और उर्वरक, बिहार के साथ-साथ बंगाल और यूपी में बेहद लोकप्रिय थी। उसके बाद समय बीता और वक्त की मार झेलते-झेलते ये खाद कारखाना बंद हो गया।

पुरानी जापानी कंपनी लगा रही नया प्लांट

गोरखपर में लग रहे इस खाद कारखाने के प्लांट को वो ही कंपनी लगा रही है, जिससे 1968 में इसकी स्थापना की थी। इस प्लांट को जापान की टोयो कंपनी लगा रही है। ये खाद कारखाना करीब 8000 करोड़ की लागत से बन रहा है।

पीएम मोदी ने 2016 में किया था शिलान्यास

ये कारखाना पिछले 26 साल से बंद था, लेकिन इस खाद कारखाने की स्थापना ने गोरखपुरवासियों के सपनों पर पंख लगा दिए हैं। बता दें कि 2016 में इस खाद कारखाने का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उसके बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार इसके निर्माण कार्य पर नजर रखकर काम करवा रहे हैं।

विदित हो कि गोरखपुर में बन रहा ये खाद कारखाना विश्व में अपनी अलग पहचान रखेगा। ये खाद कारखाना विश्व के सबसे ऊंचे प्रिलिंग टॉवर वाला है। इस खाद कारखाने में काम करने के लिए लोगों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा, जिससे उन्हें इस कारखाने में काम करने का मौका मिल सके।

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