गूगल डूडल बनाकर मना रहा है, माइकल डर्टोजस का 82वां जन्मदिवस

कंप्यूटर के महान वैज्ञानिक माइकल डर्टोजस की आद 82वीं जयंती है। गूगल ने माइकल डर्टोजस को उनके जन्मदिवस पर याद करते हुए डूडल बनाया है। गूगल द्वारा बनाए गए कार्टून में वैज्ञानिक माइकल एक हाथ में चॉक और दूसरा हाथ जेब में डाले दिख रहे है। और उनके साथ कंप्यूटर के कई उपकरण भी दिख रहे हैं। गौरतलब है कि अगर आज हम इंटरनेट और पर्सनल कंप्यूटर का प्रयोग कर रहे हैं तो इसका श्रेय माइकल डर्टोजस को जाता है।

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गूगल डूडल बनाकर मना रहा है माइकल डर्टोजस का 82वां जन्मदिवस
गूगल डूडल बनाकर मना रहा है, माइकल डर्टोजस का 82वां जन्मदिवस

 

इंटरनेट सर्च इंजन गूगल ने उनको आज डूडल बनाकर सम्मान दिया है। गूगल ने डूडल बनाकर ग्रीक प्रोफेसर स्वर्गीय माइकल डर्टोजस को समर्पित किया है।मालूम हो कि आज उनका 82वां जन्मदिन है। डूडल में कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए काम को दिखाया गया है। और उनको पढ़ाते हुए भी दिखाया गया है। उनके हाथ में चॉक है और पीछे ग्रीनबोर्ड है। बता दें कि प्रोफेसर माइकल का जन्म 5 नवंबर, 1936 को ग्रीक के एथेंस में हुआ थ। उनका निधन 27 अगस्त, 2001 को संयुक्त राज्य अमेरिका के बॉस्टन में हुआ था।

डर्टोजस ने टेक्नॉलजी को आम लोगों के प्रयोग की चीज बनाया

डर्टोजस एक कंप्यूटर वैज्ञानिक थे जिनका कंप्यूटर टेक्नॉलजी खासकर इंटरनेट के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान है। प्रो. ने उस दौरान कहा था कि इंटरनेट लोगों की जिंदगी में अहम भूमिका निभाएगा। टेक्नॉलजी के बारे में उन्होंने कहा था कि ”हमने करीब 300 साल पहले उस दौरान गलती की थी जब टेक्नॉलजी और मानवतावाद को अलग किया गया था। अब समय आ गया है कि दोनों को साथ लाया जाए”। डर्टोजस ने टेक्नॉलजी को आम लोगों के प्रयोग की चीज बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया। इस दिशा में उन्होंने पर्सनल कंप्यूटर का प्रयोग और उसकी संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया था।

माइकल 1974 से 2001 तक (एलसीएस) के साथ डायरेक्टर रहे

मालूम हो कि माइकल 1974 से 2001 तक लैबरेटरी फॉर कंप्यूटर साइंस (एलसीएस) के साथ डायरेक्टर रहे। प्रो. माइकल ने RSA encryption, the spreadsheet, the NuBus, the X Window System, और इंटरनेट पर काम किया।माइकल डर्टोजस ने एथेंस कॉलेज से ग्रैजुएशन के बाद यूनिवर्सिटी ऑफ अरकनसास में फुलब्राइट स्कॉलरशिप की और मैसाचूसट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (एमआईटी) से पीएचडी पास की। माइकल ने 1964 में एमआईटी, यूएस में फैकल्टी के तौर योगदान दिया। प्रो. ने अपने निधन के समय मतलब कि वर्ष 2001 तक रहे।

महेश कुमार यादव