WhatsApp Image 2021 07 14 at 7.42.08 PM भगवत कृपा होने पर ईश्वर दर्शन संभव: स्वामी मुक्तिनाथानन्द

लखनऊ। बुधवार के प्रातः कालीन सत् प्रसंग में रामकृष्ण मठ लखनऊ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानन्द ने बताया कि भगवान की कृपा होने पर एक जन्म में ही ईश्वर लाभ संभव हो सकता है। साधारणतया हम देखते हैं कि ईश्वर लाभ करने के लिए कठोर तपस्या करने की जरूरत होती है।

रामकृष्ण मठ निरालानगर लखनऊ में स्वामी मुक्तिनाथानन्द महाराज ने कहा कि संतों के जीवन में देखा जाता है कि जन्म-जन्मांतर तपस्या करने के बाद ही उन्हें ईश्वर दर्शन होता है। यह समय सापेक्ष है। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भगवद्गीता में भी कहा गया है- ‘कालेनात्मनि विन्दति’ अर्थात समय होने पर ही आत्म साक्षात्कार होता है।

हमें इसके लिए न केवल एक जन्म की तपस्या की जरूरत है। श्रीमद्भगवद्गीता में भी कहा गया है कि ‘अनेक जन्म संसिद्धस्ततो याति परां गतिम्’ अर्थात् अनेक जन्म से तपस्या करते हुए सिद्धगण परम् गति प्राप्त कर चुके हैं।

एक भक्त ने भगवान श्री रामकृष्ण से पूछा क्या एक जन्म में सिद्धि लाभ होता है? श्री रामकृष्ण ने उत्तर दिया कि ईश्वर की दया होने पर क्या नहीं होता। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हजार वर्ष के अंधकारपूर्ण कमरे में दीपक लाने पर क्या थोड़ा-थोड़ा करके अंधकार जाता है? एकदम से रोशनी हो जाती है, अर्थात भगवान की कृपा इतनी शक्तिशाली है कि भक्त के जीवन की अवस्था कैसी भी हो उसका तत्काल उद्धार कर देते हैं।

स्वामी जी ने कहा कि इस कारण अगर हम इस जन्म में ही ईश्वर लाभ करने के उत्साही हैं, तब हमें भगवान की कृपा लाभ करने के लिए व्याकुल होकर प्रार्थना करनी चाहिए और व्याकुल होकर प्रार्थना से भगवान अवश्य हम पर दया करेंगे एवं उनकी दया से हमारे जीवन का दीर्घकालीन अंधकार का अवसान हो जाएगा एवं ईश्वर आनंद और भगवत् आलोक की रोशनी से हमारा हृदय भी पूर्ण हो जाएगा।

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