हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की 18 साल कमान संभालने के बाद गिलानी ने दिया इस्तीफा

हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की 18 साल कमान संभालने के बाद गिलानी ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। सैयद शाह अली गिलानी 18 साल से हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की कमान संभाल रहे हैं। लेकिन अब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हुर्रियत के सीनियर नेता मोहम्मद अशरफ सहराई तहरीक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष के रूप में सैयद शाह अली गिलानी की जगह ली है। हुर्रियत सूत्रों के अनुसार पार्टी के भीतर होने वाला चुनाव इस साल बाद में होगा और तब तक के लिए सहराई तहरीक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष के रूप में पद पर बने रहेंगे।

बता दें कि पार्टी प्रवक्ता ने बताया, ‘सैयद अली गिलानी की अगुवाई वाली तहरीक-ए-हुर्रियत ने सोमवार को श्रीनगर में अपने कार्यालय में बैठक की और पार्टी के चेयरमैन के रूप में निर्वाचित वरिष्ठ सदस्य मोहम्मद अशरफ सहराई को चुना।’ उन्होंने कहा, ‘गिलानी ने यह निर्णय लिया है कि सहराई तहरीक-ए-हुर्रियत के नए अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे। गिलानी ने स्वास्थ्य कारणों और अन्य राजनीतिक बोझ का हवाला दिया, इसलिए वे सहराई को जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं।’

वहीं गिलानी के कार्यालय/निवास पर राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के मद्देनजर इस बैठक में तहरीक-ए-हुर्रियत और हुर्रियत (जी) के कुछ नेता ही शामिल हो सके। बता दें कि मोहम्मद अशरफ सहराई जमायत ए इस्लामी के कटटरपंथी गुट के अगुआ और गिलानी के खास है। वह गिलानी के प्रगाण मित्र के तौर पर भी जाने जाते हैं।