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यूपी के 20 हजार लोगों से करोड़ों की धोखाधड़ी, लखनऊ से विदेशी कंपनी सोलमैक्स को दो डायरेक्टर गिरफ्तार

फर्जीवाड़ा

लखनऊ। एसटीएफ ने मल्टीलेवल मार्केटिंग स्कीम चलाकर देश के करीब 10 लाख लोगों से अरबों की धोखाधड़ी करने वाली विदेशी कंपनी सोलमैक्स के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। यूपी के 20 हजार से अधिक लोग इस नेटवर्क के शिकार हुए हैं।

ठगी

एसटीएफ के  एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि पकड़े गए लोगों में गोमतीनगर, सरस्वती अपार्टमेंट के अनिरुद्ध नारायण और गोमती नगर विस्तार के दीपक राय हैं। दोनों के पास से सोलमैक्स कम्पनी के 13 फर्जी दस्तावेज, तीन मोबाइल फोन, 10 एटीएम बरामद हुए हैं। एसटीएफ को पता चला था कि एक मल्टीलेवल मार्केटिंग  कम्पनी आईग्नीटर 100 व सोलमैक्स ग्रुप वेबसाइट के जरिये भारत में अपना कारोबार कर रही है।

जबकि ये कम्पनी अपने देश में रजिस्टर्ड नहीं है। पड़ताल में आया कि पाकिस्तान के रहने वाले अब्दुल रहमान सन्धु और उसके साथियों ने इस कम्पनी को ब्रिटेन में रजिस्टर्ड करा रखा है। मगर यह कंपनी वहां कारोबार न करके पोंजी स्कीम चला रही है।

 दुबई में बैठे बॉस के जरिए हो रहा था सारा लेनदेन

एसटीएफ के मुताबिक पंजाब के होशियारपुर का रहने वाला राकेश सैनी दुबई में रहकर इस नेटवर्क को चला रहा है। वह जूम एप की मदद से भारत में अपनी टीम के संपर्क में रहता है। गिरफ्तार किए गए दोनों  रीजनल डायरेक्टर उससे मिलने दुबई गये थे। दुबई में मुलाकात के बाद ही दोनों ने यूपी में अपना काम शुरू किया था।

 विदेशी खातों में जमा कराई जाती थी सारी रकम

अनिरुद्ध ने एसटीएफ को बताया कि वो लोग एजुकेशन पैकेज ऑनलाइन बेचते थे। इसके लिये यूपी में करीब 20 हजार लोग सदस्य बने। इनसे सदस्यता शुल्क के तौर पर 25 पौण्ड से लेकर पांच हजार पौण्ड वसूले गये। भारतीय मुद्रा में यह रकम 25 सौ रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक ली गई।

ये रकम विदेशी खातों में जमा करायी गई। अब तक पांच करोड़ रुपये की रकम विदेशी खातों में जमा करवायी जा चुकी है। इन लोगों ने अपने चंगुल में फंसे सदस्यों को यह भी झांसा दिया था कि उनके शेयर जल्दी ही कई गुना मुनाफा देंगे जबकि उनकी कम्पनी का कोई शेयर कभी मार्केट में आया ही नहीं।

अनिरुद्ध ने बताया कि पंजाब में गुरुप्रीत सिंह, गुजराज में अमरजीत व संजय सोनरक भी उनकी तरह रीजनल डायरेक्टर बनकर काम कर रहे हैं। इस सम्बन्ध में वहां सूचना दे दी गई है।

 बेहतर काम करने वालों को मर्सिडीज कार तक गिफ्ट की

गिरफ्तार दीपक ने एसटीएफ को बताया कि उनकी कमाई नये मेम्बर से मिलने वाले सदस्यता शुल्क से ही होती थी। इसके लिए ही वह लोग ज्यादा मेम्बर जोड़ने पर मर्सिडीज कार, बीएमडब्ल्यू कार, आईफोन जैसे महंगे गिफ्ट एक तय टार्गेट पूरा करने पर देते थे। इसके लिये बाकायदा बड़े होटलों में पार्टी रखी जाती थी।

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