November 30, 2022 11:25 pm
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भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करने पहुंचे खाद्य सचिव, आज से दो दिवसीय दौरे पर

भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करने पहुंचे खाद्य सचिव, आज से दो दिवसीय दौरे पर

लखनऊ:  भारत सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान उत्तर प्रदेश में भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, फोर्टिफाइड चावल वितरण के क्रियान्वयन तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ व धान खरीद की के लिए चंदौली-वाराणसी का दो दिवसीय दौरा किया।

लॉकडाउन से आर्थिक समस्याएं उत्पन हुई

खाद्य सचिव ने अवगत कराया गया कि कोरोना महामारी के कारण लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से उत्पन्न आर्थिक व्यवधानों के कारण गरीबो को हुई कठिनाइयों को कम करने के लिए भारत सरकार ने गत वर्ष से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना आरम्भ की गई थी।

40,000 करोड़ रुपये की खाद्य सब्सिडी मुफ्त

सभी एनएफ़एसए लाभार्थियों को प्रतिमाह अपने नियमित आवंटन के अतिरिक्त प्रतिमाह 5 किलो राशन मुफ्त वितरित किया जा रहा है।  इस योजना से उत्तर प्रदेश की 14.71 करोड़ आबादी लाभान्वित हो रही है। जिनको भारत सरकार लगभग 40,000 करोड़ रुपये की खाद्य सब्सिडी मुफ्त राशन के रूप में उपलब्ध करा रही है। वर्तमान में यह योजना अपने चतुर्थ चरण में है जो कि नवम्बर 2021 तक चलेगी।

चावल के फोर्टीफिकेशन से पोषण तत्वों में वृद्धि की जाती है

खाद्य सचिव ने बताया गया कि विशेषकर बच्चों एवं महिलाओं में कुपोषण की समस्या को देखते हुए भारत सरकार द्वारा पायलट फेस में आईसीडीएस एवं मध्यान्ह भिजन योजना में फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। पायलट चरण में यह कार्य उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद तथा वाराणसी जनपद के सेवापुरी ब्लाक में भी किया जा रहा है। चावल के फोर्टीफिकेशन से उसमे पोषण तत्वों की मात्रा में वृद्धि की जाती है।

उत्तर प्रदेश में धान एवं गेहूं की खरीद के बारे में चर्चा करते हुए बताया गया कि प्रदेश में धान और गेहूं की रिकॉर्ड खरीद की गयी है, जिससे कि कृषक न्यूनतम समर्थन मूल्य से लाभान्वित हुए हैं।

खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के दौरान 10.22 लाख किसानों से रिकार्ड 66.84 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। यह राज्य के इतिहास में धान की अब तक की सबसे अधिक खरीद है। किसानों को (MSP) के रूप में कुल 12491.88 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया।

हाल ही में संपन्न हुए रबी विपणन वर्ष 2021-22 के दौरान 12.98 लाख किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकार्ड 56.41 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई जो कि प्रदेश के इतिहास मे गेहूँ की अब तक की सबसे अधिक खरीद है।
किसानों को उनकी फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में कुल 11141.28 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस वर्ष रबी विपणन वर्ष 2020-21 से 58% अधिक मात्रा में गेहूँ की खरीद की गयी जिस दौरान 6.64 लाख किसानों से 35.77 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी।

खाद्य सचिव महोदय द्वारा बताया गया कि उत्तर प्रदेश में गेहूं एवं धान क्रय प्रणाली को सुदृढ़ बनाने एवं बिचौलियों से छुटकारा पाने तथा वास्तविक कृषक तक न्यूनतम समर्थम मूल्य योजना का लाभ पहुंचाने के लिए ई-क्रय प्रणाली लागू है। साथ ही बताया गया कि उत्तर प्रदेश ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली के तहत गेहूं की ऑनलाइन बिलिंग को लागू करने वाला देश का प्रथम प्रदेश है।भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं

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