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वित्त मंत्री ने पेश किया बजट, किसानों-गरीबों के लिए लगाई सौगातों की झड़ी

modi sarkar ka akhiri badjut वित्त मंत्री ने पेश किया बजट, किसानों-गरीबों के लिए लगाई सौगातों की झड़ी

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने आज अपना आखिरी बजट पेश किया। केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने हल्वा पार्टी के बाद संसद में अपना आखिरी बजट भाषण दिया। इस बार का बजट काफी खास माना गया है क्योंकि जीएसटी के लागू होने के बाद ये पहला बजट है और अंग्रेजों की बरसों पुराने ढ्ढरे को तोड़ते हुए इस बार अंग्रेजी के बजाए वित्त मंत्री ने हिंदी में बजट भाषण दिया। वहीं बजट पेश करने से पहले बीजेपी के दिवंगत सासंद चिंतामणी को श्रद्धांजलि दी गई। वित्त मंत्री ने बजट में जहां किसानों और गरीबों के लिए सौगातों की झड़ी लगा दी तो वहीं मध्यम वर्ग पर सरकार ने बोझ बढ़ा दिया है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि हम एक ईमानदार देश का वादा करते हैं  क्योंकि भारत एक उभरती हुई अर्थव्यस्था है।

वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी आने के बाद टैक्स बढ़ा है और निवेश में बढ़ोतरी हुई है। जीएसटी को आसान बनाने की कोशिश हो रही है। भारत की अर्थव्यवस्था दोगुनी हो गई है।पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने को लेकर भारत अग्रसर।अगले साल भारत की जीडीपी दर 7.4 फीसदी रहने का अनुमान। अर्थव्यवस्था पटरी पर है। बाजार में कैश का प्रचलन कम हुआ। जेटली ने कहा कि हमारा कर्तव्य भारत के गावों का विकास। सर्विस सेक्टर में 8 फीसदी की बढ़ोतरी। मध्य वर्ग के जीवन में सरकारी खर्च कम करने का लक्ष्य। ईज ऑफ लीविंग पर जोर दे रहे हैं।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गरीबो के लिए सौगातों की झड़ी लगाते हुए कहा कि गरीबों को डायलीसिस की मुफ्त सुविधा मिलेगी और देश में लोगों को सस्ती दवाएं पहले ही मिल रही है। वित्त मंत्री ने स्टेंट की कीमत कम कर दी है। उन्होंने कहा कि अब दो से तीन दिन में पासपोर्ट घर में आ जाएगा। बिचौलियों पर लगाम से भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाएगी और 2022 तक किसानों की आय दोगुनी की जाएगी। किसानों को सौगात देते हुए वित्त मंत्री ने कृषि को लाभदायक बनाने के लिए किसानों को उनकी लागत का 50 फीसदी दिए जाने का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले साल 25.7 टन का उत्पादन हुआ है और खरीफ का उत्पादन मुल्य लागत से ज्यादा है।

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि सरकार की सभी सेवाएं ऑनलाइन होगी। 30 करोड़ टन फलों का उत्पादन हुआ। जेटली ने किसानों के एमपीएस बढ़ाया और फसल का सही दाम दिलाने का वादा किया। नया ग्रामीण बाजार ई-नैम बनाने का ऐलान। जिलेवर के कृषि मॉडल को विकसित किया जाएगा। सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मुल्य मिलेगा। आलू, टमाटर और प्याड के लिए ऑपरेशन ग्रीन की स्थापना की जाएगी। आलू-प्याज की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। 42 मेगा फूड पार्क बनाए जाएंगे। किसान क्रेडिट कार्ड पशुपालकों को भी मिलेगा और नाबाड के तहत सिंचाई कोष की स्थापना की जाएगी।

 

वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों के लिए 1290 करोड़ रुपये का बांस मिशन चलाया जाएगा और बांस क्षेत्र को बन क्षेत्र से अलग किया जाएगा। मछली और पशुपालन के लिए दो नए फंड दिए जाएंगे। दो नए फंड में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। जेटली ने कृषि के लिए 1400 करोड़ रुपये के बजट का ऐलान किया और खेती के लिए कर्ज को बढ़ाकर 11 हजार करोड़ किया गया। हरियाणा,पंजाब दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को देखते हुए उसे कम करने का फैसला लिया गया है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि इस साल जहां उज्जवला योजना के तहत आठ करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिलेगा तो वहीं सौभाग्या योजना के तहत 4 करोड़ गरीब परिवारों तक बिजली पहुंचाई जाएगी।

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वित्त मंत्री ने कहा कि  2022 तक देश के हर गरीब को अपना घर देने का लक्ष्य रखा गया है और इस साल दो करोड़ नए शौचालय बनवाएं जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 51 लाख नए घर बनाए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि दिव्यांग और बुजुर्गों की समाजिक सुरक्षा के लिए सरकार कृत संक्लप है। शिक्षा में सुधार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने 20 लाख बच्चों को स्कूल भेजने का लक्ष्य रखा है। प्री-नर्सरी से 12 तक की पढ़ाई के लिए एक नीति। वड़ोदर में अलग से रेलवे युनिवर्सिटी का गठन होगा। आदिवासियों के लिए एकलव्य विद्यालय की शुरुआत की जाएगी और ये विद्यालय नवोदयों विद्यालयों की तरह काम करेंगा। इसी के साथ स्कूलों में  ब्लैक बोर्ड की जगह डिजीटल बोर्ड दिए जाएंगे। पांच लाख स्वस्थ्य केंद्रों की स्थापना की जाएगी। नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम की शुरुआत की जाएगी।

जेटली ने ऐलान किया कि सरकार हेल्थ सेक्टर में 12 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी और गरीब परिवारों के स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान योजना की शुरुआत की जाएगी। 50 करोड़ परिवारों के लिए हेल्थ बीमा। देश की 40 फीसदी आबादी हेल्थ बीमा। पांच लाख स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे। 24 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। स्वास्थ्य केंद्र लोगों के घरों के पास होंगे और प्रत्येक परिवार को एक साल में पांच लाख मेडिकल क्लेम मिलेगा। इसके अलावा जनधन के तहत खोले गए खातों को हर क्षेत्र से जोड़ा जाएगा। 50 करोड़ लोगों के इलाज का खर्च  सरकार उठाएगी।

 

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार व्यपार शुरू करने के लिए तीन लाख करोड़ का कर्ज देगी साथ ही छोटे और लघू व्यापार के लिए 3794 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। बेरोजगारी को लेकर जेटली ने ऐलान करते हुए कहा कि इस साल हर क्षेत्र में लगभग 70 लाख नौकरियां सृजत की जाएंगी और नए कर्मचारियों के लिए ईपीएफ की दर को बढ़ाकर 12 फीसदी किया जाएगा।  हर जिले में स्किल केंद्र खोले जाएंगे। मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए बिटक्वाइन करेंसी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है और सभी टोल प्लाजा पर ई-भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की है।

जटली ने कहा कि ओएनजीसी का विनिवेश होगा। कई सरकारी इंशेयोरेंस कंपनियों का विलय होगा। 14 सरकारी कंपनियां बाजार में आएगी। दो सरकारी बीमा कंपनियां शेयर बाजार से जुड़ेगी। सरकारी कंपनियों में शेयर बेचकर 80 लाख करोड़ जुटाए जाएंगे। नई नीति से सोना लाने-लेजाने में आसामी होगी। सरकार ने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और उपराज्यपाल की सैलरी में बढ़ोतरी कर दी है। नई नीति के तहत राष्ट्रपति को पांच लाख, उपराष्ट्रपति को चार लाख और उपराज्यपाल को साढ़े तीन लाख सैलरी दी जाएगी। इसके तहता सरकार का घाटा 5.95 लाख करोड़ रुपये का आएगा. जिसे बढ़ाने के लिए सरकार डायरैक्ट टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी करते हुए उसे 12.6 फीसदी कर रही है। अप्रत्यक्ष करों में 18.7 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि हर कारोबारी को यूआईडी मिलेगा। 250 करोड़ के टर्नऑवर वाली कंपनियों को टैक्स में 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं होगा। नौकरी पेशे वालों को टैक्स में कोई छूट नहीं मिलेगी और स्टैंडर्ट डिटक्शन की शुरुआत होगी। 40 हजार का स्टैंडर्ट डिटक्शन मिलेगा। डिपॉजिटी पर मिलने वाला छुट 10 हजार से बढ़कर 50 हजार कर दी गई है।बुजुर्गों का 80 डी में मेडीक्लेम 50 हजार में होगा और बुजुर्गों को एफडी पर टैक्स से छूट मिलेगी। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य पर एक फीसदी सेस बढ़ाकर इसे तीन से चार फीसदी कर दिया है। इसी के साथ सरकार ने कस्टम ड्यूटी को 12 से 15 फीसदी करने का ऐलान किया, जिसके बाद टीवी और मोबाइल के दाम बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

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