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मथुरा और फिरोजबाद में बुखार का कहर, लोग पलायन को मजबूर

मथुरा और फिरोजबाद में बुखार का कहर, लोग पलायन को मजबूर

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद और मथुरा जनपद के नागरिकों में डेंगू की वजह से तेज बुखार के प्रकोप को लेकर हाहाकार मचा हुआ। यह प्रकोप इतना भयावह है कि बच्चों को लगातार अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। समाचार लिखने तक सरकारी आंकड़ों के मुताबिक डेंगू के बुखार की वजह से 56 लोगों की मौत हो चुकी है। भर्ती मरीजों की बात करें वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के समस्त वार्डो के बेडों पर 238 मरीज भर्ती को भर्ती कराया गया है। हालात काफी भयावह दिखाई दे रहे है। अब और अधिक बच्चों को भर्ती करने के लिए वार्डो में बेड का अभाव है। वार्ड के बरामदे में बने बेंचों पर बच्चों को लेटा कर इलाज किया जा रहा है।

डेंगू बुखार की दहशत से मथुरा के ग्रामीण पलायन के लिए मजबूर

यूपी के जनपद मथुरा के कोह गांव के ग्रामीण अपने बच्चों के साथ पलायन करने के लिए विवश है। सूत्रों की माने तो इस गांव के आधा दर्जन से अधिक परिवार अपने बच्चों को लेकर पलायन कर चुके है। जबकि जिले के जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारी ग्रामीणों के पलायान से पूरी तरह से बेखबर है। इस मामले का सूबे के मुख्यमंत्री ने स्वत: संज्ञान लिया तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पैर के नीचे की जमीन खिसक गई।

जिले स्वास्थ्य अधिकारियों की लापरवाही की वजह से जनपद के ग्रामीणों में नाराजगी चरम पर है। कारण स्पष्ट है कि यह महामारी रूकने का नाम नहीं ले रही है और न ही जिम्मेदार स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी इस समस्या का समाधान कर रहे है। जिसका नतीजा यह है कि जनपद मथुरा में 11 बच्चों सहित 13 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। जबकि सैकड़ों लोग अभी भी दहशत के साए है। फरह के कौंह गांव में करीब 50 से 60 परिवार ऐसे भी है।

जोकि गांव में फैली महामारी के कारण गांव अपने घरों पर ताला लगाकर पलायन कर चुके है। हालाकि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग गांव के पानी के साथ लोगों की जांच करवाना प्रारम्भ कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की अभी तक की जांच में इस बुखार का मुख्य कारणा डेंगू और मलेरिया की बीमारी का लक्षण पाया गया है।

वर्तमान में जिस प्रकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा इलाज किया जा रहा है। उससे ग्रामीणों को कोई खास लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि गांव में दिल्ली और लखनऊ की टीमें भी कैंप करके इस महामारी का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर इसके पीछे की वजह क्या है?

महामारी की वजह से हुई कौंह गांव के 10 की मौत

जनपद मथुरा के फरह के कौंह गांव में 10 बच्चों की मौत इसी बीमारी के कारण हो गई। मौतों का आकंड़ा सात से बढ़कर 13 तक हो गया है। इसी प्रकार फरह के चार, गोवर्धन के दो और मथुरा ब्लॉक के दो गांव के लोग इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित है। मौतों के लगातार बढ़ रहे मामलों से लोगों में काफी दहशत है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने इन स्थानों पर अस्थायी अस्पताल का निर्माण करा दिया है। बीमार लोगों का इलाज आगरा, मथुरा और वृन्दावन जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

मथुरा के आठ गांव बुखार की चपेट में

जनपद मथुरा में तेज बुखार के प्रकोप से सैकड़ों लोग बीमार हैं। अब आठ गांव इस महामारी की चपेट में है। अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 700 से अधिक मरीजों के सैंपलों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। जांच में लोगों में स्क्रब टाइफस संक्रमित चिगर्स, डेंगू,जापानी बुखार और मलेरिया के लक्षण पाये जा रहे है। स्वास्थ्य विभाग की टीम थर्मल स्कैनिंग और सैंपलिंग करने में जुटी हुई है। मेडिकल कैंप लगाकर भी लोगों का उपचार किया जा रहा है।

फरह इलाके में 4 बेड का अस्पताल भी बनाया गया है। लोगों को बीमारियों के बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम के निर्देशन पर जापानी बुखार स्क्रब टाइफस के सैंपल लेकर जांच की गई। जिसके बाद लोगों में स्क्रब टाइफस संक्रमित चिगर्स, डेंगू,जापानी बुखार और मलेरिया आदि बीमारी की पुष्टि हुई।

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