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Falgun Maas 2021: फाल्गुन मास शुरू, जानें इस महीने क्या करें क्या न करें

Falgun Maas 2021

नई दिल्ली: Falgun Maas 2021: मार्च महीने की शुरुआत होती है फाल्गुन मास की शुरुआत हो चुकी है। फाल्गुन को आनंद और उल्लास का महीना कहा जाता है। इस महीने धीरे-धीरे गर्मी की शुरुआत होती है और सर्दी की विदाई हो रही होती है। यही नहीं बसंत का प्रभाव होने से इस महीने में प्रेम और रिश्तों में बेहतरी आती जाती है। फाल्गुन का महीना हिन्दू पंचांग का अंतिम महीन होता है। इस महीने की पूर्णिमा को फाल्गुनी नक्षत्र होने के कारण इस महीने का नाम फाल्गुन है। शास्त्रों में बताया गया है कि इस महीने से खान-पान और जीवनचर्या में जरूर बदलाव करना चाहिए। यही नहीं मन की चंचलता को नियंत्रित करने के प्रयास करने चाहिए। इस बार फाल्गुन मास 28 फरवरी से 28 मार्च तक रहेगा। आइये जानते हैं कि हमें इस महीने क्या-क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

व्रत-त्योहार का काफी महत्व

फाल्गुन माह में व्रत-त्योहार का काफी महत्व है। फाल्गुन शुक्ल अष्टमी को मां लक्ष्मी और मां सीता की पूजा का विधान माना गया है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव की उपासना का महापर्व शिवरात्री भी मनाई जाती है। माना जाता है कि फाल्गुन में ही चन्द्रमा का जन्म भी हुआ था, अतः इस महीने में चन्द्रमा की भी उपासना होती है।
फाल्गुन में प्रेम और आध्यात्म का पर्व होली भी मनाई जाती है।

इन देवी-देवताओं की पूजा करें

इस महीने में अक्सर हम और आप यह सोचते हैं कि किस देवी-देवता की पूजा करनी चाहिए। दरअसल, फाल्गुन महीने में श्री कृष्ण की पूजा उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। इस महीने में बाल कृष्ण, युवा कृष्ण और तीनों ही स्वरूपों की उपासना की जा सकती है। संतान के लिए बाल कृष्ण की पूजा करने को कहा गया है बकि प्रेम और आनंद के लिए युवा कृष्ण की उपासना करना शुभ माना जाता है और ज्ञान और वैराग्य के लिए गुरु कृष्ण की उपासना करना शुभ माना जाता है।

इन बातों का खास रखें ध्यान

इस महीने हमें कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। प्रयास करना चाहिए कि इस महीने शीतल या सामान्य जल से स्नान करें। भोजन में अनाज का प्रयोग कम से कम करें , अधिक से अधिक फल खाएं। कपड़े रंगीन पहने हो सके तो सुगंध का प्रयोग करें। नियमित रूप से भगवान कृष्ण की उपासना करें , पूजा में फूलों का खूब प्रयोग करें। इस महीने में नशीली चीज़ों और मांस-मछली के सेवन से परहेज रखें।

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