सरकारी ठेके के ऊपर चल रहा था नकली शराब का कारखाना, जानिए क्या हुई कार्रवाई

प्रयागराज: होली का त्यौहार नजदीक आते ही अवैध शराब का धंधा फिर से पनपने लगा है। अभी प्रयागराज में जहरीली शराब पीने से मौतों का प्रकरण समाप्त भी नहीं हुआ था कि पुलिस ने एक बार फिर एक नकली शराब का कारखाना पकड़ा है।

बड़ी संख्या में मिले नकली स्टीकर

पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने जिले के फूलपुर माफी गांव से अवैध जहरीली शराब बनाने का कारखाना पकड़ा है। पुलिस ने कारखाने से 71 पेटी जहरीली शराब बरामद की है।

नकली शराब के स्टीकर

कुल 3195 शीशी अवैध शराब के साथ पुलिस ने 639 लीटर अवैध शराब जब्त की है। पुलिस को मौके से नकली बारकोड, देसी शराब के टक्कन और नकली स्टीकर बरामद हुए हैं।

मिला हुआ था शराब ठेकेदार

इस प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि ये कारखाना सरकारी शराब के ठेके के ठीक ऊपर चलाया जा रहा था। बड़ी बात ये रही कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब बन रही थी और किसी को इसकी कानों कान खबर नहीं थी।

नकली शराब के स्टीकर

वहीं इस विषय पर जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक गंगा पार धवल कुमरार जायसवाल ने बताया कि आबकारी विभाग और पुलिस को नकली शराब बनने की सूचना मिली थी।

पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार

इसके बाद आबकारी निरीक्षक हंडिया, आबकारी निरीक्षक फूलपुर, फूलपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने संयुक्त छापेमारी की और सरकारी शराब के ठेके के ऊपर अवैध रूप से बन रही शराब को जब्त कर लिया।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने मौके से सेल्समैन विनय कुमार पाल और कमलेश पाल को गिरफ्तार कर लिया है।

प्रतापगढ़ भेजी जाती थी शराब 

एसपी ने बताया कि उनसे जानकारी लेने पर ये बात पता चली कि नकली शराब बनाकर स्टीकर और बारकोड लगाकर सरकारी शराब के ठेकों पर इसे बेचा जाता था।

जहां से शराब का कारखाना पकड़ा गया है उसके नीचे विनय कुमार पाल के पिता दुखहरन पाल के नाम पर ये सरकारी ठेका आवंटित है।

दुखहरन भी इस कारगुजारी में शामिल है। उसको भी नामजद किया गया है। उन्होंने कहा कि ये नकली शराब प्रतापगढ़ भेजी जाती थी।

 

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