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महाशिवरात्रि पर जानिए भोलेनाथ से जुड़ी ये बातें, जो बदल देंगी आपका जीवन

महाशिवरात्रि पर जानिए भोलेनाथ से जुड़ी ये बातें, जो बदल देंगी आपका जीवन

आदित्य मिश्र, लखनऊ: महाशिवरात्रि महादेव को प्रसन्न करने का दिन होता है, आज पूरे देश में करोंड़ों की संख्या में भक्त शिव जी की आराधना करेंगे। इस दिन भगवान की पूजा करने से सभी के सारे मनोरथ पूरे हो जाते हैं।

बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूध इत्यादि से पूजन

महाशिवरात्रि के दिन भगवान की पूजा करने के लिए कई वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाता है। जिनमें भांग, धतूरा, बेलपत्र, गाय का दूध, चंदन, कलावा, मौली, शहद, हल्दी जैसी कई चीजों का इस्तेमाल होता है। महादेव को प्रसन्न करना बहुत ही आसान होता है, इसके लिए मन में सच्ची श्रद्धा होना ही पर्याप्त होता है।

महाशिवरात्रि पर जानिए भोलेनाथ से जुड़ी ये बातें, जो बदल देंगी आपका जीवन

भोलेनाथ से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

महादेव का पूरा व्यक्तित्व अपने आप में ज्ञान का भंडार है, उनकी मुद्रा में चित्रित एक-एक वस्तु का अपना ही महत्व है। आइये जानते हैं इसी के बारे में-

गंगा- महादेव के सिर पर गंगा मैया विराजमान होती हैं। यह अपने आप में एक प्रतीक के तौर पर है इसका मतलब घमंड का नष्ट होना, ज्ञान और शांति की शुरुआत होना है।

उलझे बाल- भगवान शंकर के बाल उलझे हुए और बड़े हैं। यह सोच, शरीर और आत्मा के सामंजस्य को दर्शाता है।

सर्प- उनके गले में सांप भगवान की एक अलग पहचान को प्रस्तुत करता है। इसका मतलब अपने अभिमान को संयम में रखना है।

नीलकंठ- भोलेनाथ का कंठ नीला है, इसीलिए उन्हें नीलकंठ भी कहते हैं। नीला कंठ गुस्से पर नियंत्रण रखने का प्रतीक है।

शरीर पर राख- भगवान के पूरे शरीर पर राख का लेप लगा होता है। यह नश्वर शरीर का प्रतीक है, इसके अनुसार दुनिया में कुछ भी हमेशा रहने वाला नहीं है। सब कुछ एक ना एक दिन जरूर खत्म हो जाएगा।

कमंडल- शिवजी की प्रतिमूर्ति के सामने कमंडल भी रखा होता है। यह अपने शरीर से सभी प्रकार की विकृतियों को दूर करने का प्रतीक है।

त्रिशूल- भोलेनाथ का त्रिशूल भी उनकी पहचान को दर्शाता है। इसका मतलब दिमाग में चल रही बातों, समझ और अभिमान को नियंत्रण में रखना है।

तीसरी आंख- त्रिनेत्र धारी भगवान भोलेनाथ की लीला अपरंपार है। उनकी तीसरी आंख आत्ममूल्यांकन को दर्शाती है। जहां तक चीजें खुली आंख से दिखाई देती हैं, उसके बाद देखने के लिए उसका इस्तेमाल किया जाता है।

डमरू- त्रिशूल, सर्प के अलावा भगवान भोलेनाथ डमरु भी अपने साथ रखते हैं। यह सभी इच्छाओं को अपने शरीर से मुक्त करने का प्रतीक है।

ध्यान मुद्रा- भोलेनाथ हमेशा ध्यान मुद्रा में रहते हैं, यह शांत चित्त और पूर्णता का प्रतीक है।

योगी आदित्यनाथ ने सभी को दी शिवरात्रि की शुभकामना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करके सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की पावन आराधना को समर्पित महाशिवरात्रि के पर्व की सभी भक्तों एवं प्रदेशवासियों को अनंत शुभकामनाएं।

देवाधिदेव महादेव की कृपा से सभी प्राणियों के जीवन में सुख समृद्धि, शांति और सद्भाव का वास रहे, यही मेरी कामना है। भगवान भोलेनाथ समस्त जगत का कल्याण करें, हर हर महादेव।

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