तीसरी लहर से कैसे उबरेगा MSME, आईआईए उपाध्‍यक्ष ने दिया मंत्र

लखनऊ: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम (MSME) उद्यमियों को बुरी तरह से प्रभावित किया। कोविड की पहली लहर से लेकर दूसरी लहर एमएसएमई सेक्‍टर को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अब जब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका चरम पर है तो ऐसे में एमएसएमई सेक्‍टर को कैसे बचाया जा सकता है, ये जानना भी जरूरी है।

इसी संबंध में भारत खबर के संवाददाता शैलेंद्र सिंह ने भारतीय उद्योग संघ (IIA) के नवनियुक्‍त उपाध्‍यक्ष डॉ. एलके पांडेय से खास बातचीत की। इस दौरान उन्‍होंने एमएसएमई सेक्‍टर की परेशानियां भी बताईं और कोरोना की तीसरी लहर आने पर उद्यमियों को क्‍या करना चाहिए, इस बारे में भी बात की।

तीसरी लहर से कैसे उबरेगा MSME, आईआईए उपाध्‍यक्ष ने दिया मंत्र

डॉ. एलके पांडेय, नवनियुक्‍त उपाध्‍यक्ष, आईआईए

 

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में MSME का बड़ा योगदान

आईआईए उपाध्‍यक्ष डॉ. एलके पांडेय ने बताया कि, एमएसएमई सेक्‍टर का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान बहुत बड़ा है। पिछले साल कोरोना वायरस में इस सेक्टर को बहुत बड़ा झटका लगा था, जिससे वह उभर ही रहा था कि दूसरी लहर ने उद्यमियों की कमर तोड़ दी। अब इससे उबरने के लिए सरकार के सपोर्ट की भी जरूरत है। सरकार को कई सारी रियायतें देने की जरूरत है, जैसे- बिजली के बिल में, लोन मिलने में, लोन के इंटरेस्‍ट पर, ईएमआई जमा करने को लेकर राहत देने की जरूरत है।

उन्‍होंने कहा कि, वैसे भी इस समय एक्सपोर्ट की परेशानी है। रॉ मैटेरियल कम है, मैन पावर की कमी है और अगर कोई इस समय मैन्युफैक्चरिंग स्टार्ट कर रहा है तो उसे मार्केट नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अगर अब कोरोना की थर्ड वेव आएगी तो एमएसएमई सेक्टर से जुड़े उद्यमियों की टूटी कमर पर पत्‍थर पड़ने जैसा होगा।

एमएसएमई सेक्‍टर के लिए थर्ड वेव घातक   

डॉ. एलके पांडेय ने बताया कि, कोरोना की पहली लहर में एमएसएमई सेक्टर को काफी नुकसान झेलना पड़ा। वह संभल ही रहा था कि कोरोना की दूसरी लहर आ गई और अब जब फिर एमएसएमई सेक्टर संभलने की कोशिश कर रहा है तो ऐसे में तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है, जो एमएसएमई सेक्टर की टूटी कमर पर पत्‍थर मारने का काम करेगी। उन्‍होंने कहा कि, ऐसे में जो उद्योग उठना भी चाह रहे होंगे, उन्हें उठने में बहुत से परेशानी होगी।

क्‍या करें उद्यमी और सरकार

आईआईए के नवनियुक्‍त उपाध्‍यक्ष ने कहा कि, एमएसएमई सेक्टर से जुड़े उद्यमियों को ऐसे में चाहिए कि वह कोविड-19 के नियमों का पालन तो करें ही साथ ही उसको अपने बिहेवियर में शामिल करें। अपनी इंडस्ट्री में कार्य कर रहे अपने वर्कर्स की सुरक्षा पर ध्यान दें और पिछली बार जो गलतियां हुईं, उनको दोहराने से बचें। जो कमियां रह गई थीं, जैसे- ऑक्सीजन, दवाओं की कमी जैसे चीजों की अल्टरनेटिव अरेंजमेंट की जरूरत है।

उन्‍होंने कहा कि, अल्टरनेटिव अरेंजमेंट के साथ ही थर्ड वेव के दौरान सरकार के सपोर्ट की भी जरूरत पड़ेगी। सरकार द्वारा लॉन्‍ग टर्म मोरटोरियम, इंटरेस्ट सब्सिडी दिए बिना इंडस्ट्री सर्वाइव नहीं कर सकती। और अगर एमएसएमई सेक्‍टर सुचारू रूप से नहीं चलता है तो तो नेशनल इकोनॉमी का नीचे जाना भी निश्चित है।

नवनियुक्‍त उपाध्‍यक्ष डॉ. एलके पांडेय ने बताया कि, सरकार से रियायत मांगने के साथ ही हम अपने सभी एमएसएमई सेक्टर के मेंबर्स से भी बातचीत करेंगे कि आप भी एक स्टार्टअप, इंटरप्रेन्योर की तरह शुरू करें, जैसे आपने आज से, अभी से अपने बिजनेस की शुरुआत की है। अपने मन में हमें सोचना है कि हमें अपना बिजनेस फिर से शुरू करना है, उसे खड़ा करना है, उसके लिए संघर्ष करना है और रियल इंटरप्रेन्योर की तरह अपने बिजनेस को खड़ा करके डेवलप करना है। और लोगों की सर्विस या अपने जो प्रोडक्‍ट हैं, वो अपने कस्टमर तक पहुंचाने हैं। इसके लिए जो एक तरह से डिजिटल रिनोवेशन हो रहा है, उसका पूरा-पूरा फायदा उठाना है।

ऐसे उठाई जाएगी उद्यमियों की आवाज

डॉ. एलके पांडेय ने बताया कि, आईआईए प्लेटफार्म का अप्रोच जो रहता है वह हमेशा डेवलपमेंट और ग्रोथ का रहता है। इसकी कोशिश रहती है कि इससे जुड़े उद्यमियों को कहां कनेक्ट करना है, सपोर्ट करना है और किसी से उनका कंप्‍लीमेंटेशन कराना है। उनको मार्केटिंग में या एक्सपोर्ट में कोई सपोर्ट चाहिए या उनमें कोई अवेयरनेस लाना है। सरकार की कई सारी ऐसी स्कीम हैं, जिनके बारे में छोटे इंटरप्रेन्‍योर में अवेयरनेस नहीं है या उन्हें लगता है कि उन्‍हें मिल नहीं सकता तो ऐसी चीजों के लिए हम जरूर डेवलपमेंट एक्‍सरसाइज करते रहेंगे। और इसी से हम लोग आगे बढ़ सकते हैं और एमएसएमई सेक्‍टर का भी ग्रोथ कर सकते हैं।

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