इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे क्रिकेट का रचा नया इतिहास

नई दिल्ली। बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर ऑस्ट्रेलिया के नए कप्तान टीम पैन ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। जिसे इंग्लिश टीम ने पूरी तरह गलत साबित कर दिया। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे जॉनी बेयरस्टो (139) और एलेक्स हेल्स (147) की तूफानी शतकीय पारी के बाद कप्तान इयोन मोर्गन की रिकॉर्डतोड़ धमाकेदार पारी की बदौलत इंग्लैंड ने 6 विकेट के नुकसान पर 481 रन बनाए। इंग्लैंड का यह स्कोर वनडे इतिहास की सबसे बड़ी पारी है।

 

 

वहीं याद हो कि इससे पहले भी यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के ही नाम था जो उन्होंने 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ 3 विकेट पर 444 रन बनाकर हासिल किया था। पहले सलामी बल्लेबाज जेसन रॉय और जॉनी बेयरस्टो ने ताबड़तोड़ शुरुआत करते हुए 159 रन की साझेदारी की। फ्लैट पिच और छोटी बाउंड्री लाइन का फायदा उठाते हुए दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 159 रन की साझेदारी हुई। 61 गेंदों पर 82 रन की तेज पारी खेलकर रॉय आउट हुए, इसके बाद मैदान पर एंट्री होती है एलेक्स हेल्स की। हेल्स ने बेयरेस्टो के साथ मिलकर कंगारू गेंदबाजों का बुखार उतार दिया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 151 रनों की साझेदारी कर टीम को 35वें ओवर में 300 के पार पहुंचा दिया। एशटन एगर की गेंद पर आउट होने से पहले बेयरस्टो 92 गेंदों में 15 चौके और 5 छक्को की मदद से 139 रन ठोक चुके थे।

बता दें कि बेयरस्टो के आउट होने के बाद बटलर (11) भी चलते बने। मगर आज कप्तान मोर्गन तेज शुरुआत को पहाड़ जैसे स्कोर में बदलने ही आए थे। 6 छक्के और 3 चौको की मदद से मोर्गन ने सिर्फ 30 गेंदों पर 67 रन बना दिए। इस दौरान मोर्गन ने अपने नाम दो खास रिकॉर्ड दर्ज कराए। मोर्गन इंग्लैंड के लिए वन-डे इतिहास में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए, उन्होंने इयान बेल (5416 रन) को पीछे छोड़ा।

वहीं साथ-साथ 21 गेंद पर अर्द्धशतक लगाते हुए वह इंग्लैंड के लिए सबसे तेज अर्द्धशतक जमाने वाले खिलाड़ी भी बन गए। टीम का चौथा विकेट हेल्स के रूप में गिरा। वह 92 गेंदों पर 147 रन बनाकर हेल्स रिचर्ड्सन का शिकार हुए। पांच मैचों की वनडे श्रंखला का यह तीसरा मैच था, बता दें कि ऑस्ट्रेलिया पहले ही दोनों वन-डे हार चुका है।