September 23, 2021 10:22 am
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पुलिस आतंकी नेक्सस:निष्कासित डीएसपी के कश्मीर के संपर्काे पर एन.आई.ए  के छापे

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तीन सालों में 15 पुलिसकर्मी आतंकी गतिविधियों में संलिप्त पाए

जम्मू कश्मीर से राजेश विद्यार्थी की रिपोर्ट

जम्मू कश्मीर
जम्मू कश्मीर में पुलिस और आतंकी नेटवर्क नया नहीं है। जम्मू कश्मीर पुलिस से निष्कासित डीएसपी दविंदर सिंह मामले में कश्मीर के कई इलाकों में एनआईए छापे मारी कर रही है। देर रात एनआईए के कश्मीर के कई जगहों पर छापे मारे और महत्वपूर्ण सुराग जुटाए।  डीएसपी को हिजबुल मुजाहिदी से संपर्क के कारण हिरासत में लिया गया था।  कुलगाम जिले के काजीगुंड इलाके में 11 जनवरी को हिजबुल के कमांडर हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर नवीद, रफी अहमद राथर, दविंदर सिंहइरफान शफी मीर उर्फ एडवोकेट को गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन सालों 15 पुलिसकर्मी, एक बीएसएफ़ और एक सेना का जवान आतंकियों को समर्थन देने के आरोप में पकड़े गए हैं। इन जवानों ने 30 हथियार भी चुराए और आतंकवाद में शामिल हो गए। पीडीपी के नेता एजाज मीर के घर से आठ बंदूके लेकर एसपीओ आदिल बशीर के भागने की घटना काफी चर्चित रही।

डीएसपी दविंद्र सिंह के मामले की जांच एनआईए कर रही है। एनआईए ने दूसरी बार कश्मीर के विभिन्न स्थानों पर छापे मारे और डीएसपी के संपर्क से पूछताछ की।बता  दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने छह जुलाई को निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह और हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर सैयद नवीद मुश्ताक उर्फ नवीद समेत छह लोगों के खिलाफ आतंक फैलाने के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था। दाखिल आरोप पत्र में ओवर ग्राउंड वर्कर इरफान शफी मीर व रफी अहमद राथर, कारोबारी तनवीर अहमद वानी और नवीद बाबू के भाई सैयद इरफान अहमद का नाम भी है।

जांच में यह बात भी सामने आई थी कि एडवोकेट ने पाकिस्तान में न केवल हिजबुल के आकाओं से मुलाकात की बल्कि आई.एस.आई के उमर चीमा, अहसान चैधरी, सोहैल अब्बास व अन्य लोगों से भी मिला। उसे कश्मीर घाटी में आतंकी घटनाओं को बढ़ावा देने के लिए नए हवाला चैनल को शुरू करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। इतना ही नहीं एडवोकेट दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी दूतावास के चुनिंदा अधिकारियों के भी लगातार संपर्क में था।

जांच में यह भी पता चला कि भगोड़ा नवीद अनुच्छेद 370 हटने के बाद मजदूरों और ट्रक चालकों की हत्या में शामिल था। वह भोले-भाले युवाओं को हिजबुल में शामिल करता था। वह एलओसी ट्रेडर्स से फंड लेता थाएलओसी ट्रेडर्स एसोसिएशन का पूर्व अध्यक्ष तनवीर अहमद वानी उसे फंड मुहैया कराता था। इसमें पीओके ट्रेड से जुड़े कारोबारियों से मदद ली जाती था। जांच में यह बात भी सामने आई कि सीमा पार से तस्करों तथा दविंदर सिंह से हथियार प्राप्त किए जाते थे। इन हथियारों का बाद में आतंकी घटनाओं में इस्तेमाल किया जाता था।

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