BharatKhabar.Com

डॉ. कफील ने सीएम को पत्र लिखकर लगाई गुहार, बोले- मेरा 15 साल का अनुभव

dr kafeel khan डॉ. कफील ने सीएम को पत्र लिखकर लगाई गुहार, बोले- मेरा 15 साल का अनुभव

लखनऊ। गोरखपुर बीआरडी अस्पताल के चर्चित डॉक्टर कफील खान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपना निलंबन वापस करने की मांग की है। उन्होंने सीएम से कहा है कि कोरोना महामारी में उनका 15 साल का अनुभव काम आ सकता है।

डॉ कफील खान ने सीएम को लिखे अपने पत्र में कहा है कि कई डॉक्टर हैं जिन पर विभागीय कार्रवाई चल रही है, उसके बाद वे काम कर रहे हैं। उनका निलंबन वापस लिया जा चुका है। लेकिन, मैंने इस संबंध में 36 से ज्यादा बार अधिकारियों को पत्र लिखा है, इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।

कफील ने लिखा है कि उनको निलंबित हुए 1300 से ज्यादा दिन हो चुके हैं। इस बीच उनके उपर लगे तमाम आरोपों से वो मुक्त हो चुके हैं। कई मामलों में कोर्ट में भी उन पर लगे आरोपों को साबित नहीं किया जा सका है। वहां से भी क्लीनचिट मिल चुकी है। इसके बाद भी उनके उपर निलंबन की कार्रवाई चल रही है।

डॉ कफील खान ने कहा कि निलंबन के बाद से वे लगातार लोगों की सेवा कर रहे हैं। किसी दूसरे संस्थान या व्यावसायिक अस्पतालों में काम नहीं कर रहे हैं। कोरोना के ग्राफ से पूरे देश में हड़कंप है। यूपी के हालातों को देखते हुए वे मरीजों की सेवा करना चाहते हैं। कफील ने सीएम से अनुरोध करते हुए कहा है कि उनके निलंबन को वापस कर इस महामारी में उनकी ड्यूटी लगाएं।

उन्होंने कहा कि उनके पास मरीजों की सेवा का 15 साल का अनुभव है। इस महामारी उनका यह अनुभव बेहद काम आएगा। ऐसे में सरकार से अनुरोध है कि निलंबन वापस करे और मरीजों की सेवा कर इस महामारी से लड़ने में सहयोग करने का अवसर प्रदान करे।

2017 से निलंबित हैं कफील

गोरखपुर में साल 2017 में हुए भीषड़ ऑक्सीजन गैस त्रासदी मामले में तब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैनात डॉ कफील पर गंभीर आरोप लगे थे। उन पर ऑक्सीजन गैस सिलेंड को अपने नीजि कामों के लिए प्रयोग करने का आरोप लगा था। उसके बाद से उनके उपर जांच चल रही है। साथ ही योगी सरकार ने निलंबित कर दिया था। तबसे लेकर वह अभी तक निलंबित ही हैं।

अपनी टीम के साथ गांव-गांव चला रहे मुहिम

डॉ कफील खान इस समय अपनी टीम के साथ गांव-गांव जाकर लोगों का चिकित्सकीय परामर्श दे रहे हैं। डॉक्टर्स ऑन रोड नाम से अभियान संचालित कर रहे हैं।

Exit mobile version