अब आ गए हैं डिजिटल बाबा, गेरुआ वस्त्र नहीं गेरुआ मन है उद्देश्य, जींस-शर्ट में कर रहे मतदाताओं को जागरूक

अब आ गए हैं डिजिटल बाबा, गेरुआ वस्त्र नहीं गेरुआ मन है उद्देश्य, जींस-शर्ट में कर रहे  मतदाताओं को जागरूक
  • त्रिनाथ मिश्र, मेरठ

भारत धार्मिक देश के रूप में पूरे विश्व में जाना जाता है और इसी सौंदर्य को देखने पूरे विश्व से लोग यहां आते हैं और अध्यात्म की बयार का अहसास करने के बाद यहां उनका मन लग जाता है।

इसी क्रम में अध्यात्म को आगे बढ़ाने के लिए एक ऐसे बाबा भी आजकल चर्चा में हैं जो अपने परिधान को लेकर लोकप्रिय हो रहे हैं। आप सोच रहें होंगे कि कैसे कपड़े पहनते हैं, होगा कोई लाल या नारंगी कपड़….. नहीं नहीं…. ऐसा कुछ भी नहीं है डिजिटल बाबा के नाम से सोशल मीडिया में मशहूर युवा संन्यासी स्वामी राम शंकर आज कल परंपरागत वस्त्र से भिन्न कपड़े पहनकर अध्यात्म की चर्चा करने को लेकर कैमरे के फोसक में हैं।

पंडित सन्तराम डिग्री कालेज बैजनाथ कांगडॉ हिमाचल प्रदेश में मतदान के लिए बच्चों को प्रेरित करते डिजिटल बाबा स्वामी रामशंकर जी।

एक तरफ साधु संत जहाँ वर्षो से पारंपरिक परिधान विशेष कर गेरूआ या भगवा रंग के लिबास में दिखते है वहीं दूसरी तरफ डिजिटल बाबा इससे परे आधुनिक वस्त्र पहन कर कालेज के विद्यार्थी जन को मतदान हेतु नामांकन दर्ज कराने व मतदान करने हेतु अपील करते हुये सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं।

स्वामी राम शंकर कालेज के छात्रों के मध्य वीडियो में कार्गो की जीन्स ब्लैक टी-शर्ट और डेनिम का जैकेट पहने हुये बात करते दिख रहे हैं, इस बदले कलेवर के विषय मे जब पूछा गया तब स्वामी राम शंकर ने कहा कि कालेज के छात्रों को हम भक्ति भजन कराने नही गए थे, उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करने गये थे, मुझे कहा गया कि आप साधु के लिबास भगवा रंग में न आये कोई सामान्य वस्त्र पहन कर आये, हमें लगा कि इसमें कोई ग़लत बात नही हैं इस लिये हमने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और छात्रों के मध्य जा कर हम उनसे मुख़ातिब हुये, हमनें छात्रों को मतदान कर निष्पक्ष बेहतर जनप्रतिनिधि के चुनाव हेतु युवा वर्ग को प्रेरित किये।

आपको बता दे कि कुम्भ मेला 2019 में डिजिटल बाबा अपने अनूठे प्रयोग के कारण भारत सहित विदेशी मीडिया में बेहद चर्चित रहे, जिसका कारण बाबा का लोगो से मिलने, बात करने का अनोखा अंदाज था जिसे बाबा अपने फेसबुक इंस्टाग्राम ट्विटर यूट्यूब अकाउंट पर लोगे से किये बातचीत को वीडियो शूट कर अपडेट करते रहे, फेसबुक लाइव करते रहे,इन सबके पीछे बाबा का एक मात्र प्रयोजन है कि युवा पीढ़ी जिस प्लेटफार्म सोशल मीडिया पर अपना वक्त दे रही है उसी मंच का प्रयोग कर हम अपनी संस्कृति, जीवन मूल्य, अध्यात्म, धर्म से जुड़ने के लिये उन्हें प्रेरित कर रहे हैं।