धन्नीपुर मस्जिद मालिकाना हक मामले की याचिका खारिज

अयोध्या: अयोध्या स्थित धन्नीपुर मस्जिद के मालिकाना हक से जुड़े मामले में दायर याचिका पर फैसला आ गया है। हाईकोर्ट ने याचिका का मजबूत आधार न होने की स्थिति में उसे खारिज कर दिया। यह फैसला इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ के द्वारा सुनाया गया।

गलत तथ्यों पर आधारित थी याचिका
सरकार की ओर से मामले की सुनवाई अपर महाधिवक्ता रमेश कुमार सिंह ने की। उन्होंने याचिका पर कहा कि धन्नीपुर में मस्जिद के लिए आवंटित जमीन की गाटा संख्या याचिका में दर्ज संख्या से अलग हैं, इसीलिए याचिका का आधार ही नहीं है और यह खारिज किये जाने योग्य है। गाटा संख्या राजस्व विभाग द्वारा जारी की गई संख्या होती है। इस संख्या के माध्यम से जमीन की पहचान होती है।

याचिकाकर्ता के वकील ने मानी गलती
इस मामले में तथ्य सामने आने के बाद दूसरी तरफ के वकील एचजीएस परिहार ने अपनी गलती मानी। उन्होंने याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई, जब दिल्ली की दो महिलाओं ने मस्जिद की आवंटित 5 एकड़ जमीन पर अपना हक बताया। उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अयोध्या के पास सोहावल तहसील के ग्राम धन्नीपुर में 5 एकड़ जमीन मस्जिद निर्माण के लिए आवंटित की गई थी।

इसी भूमि पर रानी कपूर पंजाबी और रमा रानी पंजाबी ने याचिका दायर करके अपना मालिकाना हक जाहिर किया। इस 5 एकड़ जमीन को विवादित बताकर लखनऊ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसी की सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया और कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

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