‘बुंदेलखंड आजाद सेना’ की शिकायत पर डिप्टी CM ने ‘बबेरू-कमासिन’ मार्ग की जांच के दिए आदेश

‘बुंदेलखंड आजाद सेना’ की शिकायत पर डिप्टी CM ने ‘बबेरू-कमासिन’ मार्ग की जांच के दिए आदेश

नई दिल्लीः बांदा जिले के ‘बबेरू-कमासिन’ प्रांतीय राजमार्ग की जांच कराने व दोषियों को दंडित कराने के संबंध में ‘बुंदेलखंड आजाद सेना’ के अध्यक्ष प्रमोद आजद ने 7 जनवरी 2018 को डिप्टी सीएम और लोक निर्माण विभाग मंत्री केशव प्रसाद मौर्य को शिकायती पत्र दिया था। डिप्टी सीएम ने भी गंभीरता से लेते हुए उक्त मार्ग की जांच करने के आदेश दिए हैं।

 

‘बुंदेलखंड आजाद सेना’ की शिकायत पर डिप्टी CM ने ‘बबेरू-कमासिन’ मार्ग की जांच के दिए आदेश

आपको बता दें कि सामाजिक संगठन ‘बुंदेलखंड आजाद सेना’ के द्वारा डिप्टी सीएम को सौंपे शिकायती पत्र में कहा गया है कि बबेरू-कमासिन प्रांतीय राजमार्ग, का निर्माण वर्ष-2015 में जनता और सामाजिक संगठनों के भारी दबाव के बाद लगभग 68 करोड रुपए की लागत के साथ स्वीकृत होकर सीसी मार्ग का निर्माण चालू हुआ था। वैसे तो इस मार्ग को मात्र 6 महीने में बनकर तैयार हो जाना चाहिए था, लेकिन भ्रष्ट नीतियों के कारण इसको बनाने में लगभग तीन वर्ष का समय लग गया। इसके बावजूद भी मार्ग निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता खराब होने के कारण मार्ग आगे-आगे बन रहा है और पीछे-पीछे उखाड़ और उधर रहा है।

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बुंदेलखंड आजाद सेना के अध्यक्ष प्रमोद आजाद के मुताबिक उक्त गलियारे के निर्माण में बेहद घटिया किस्म मैटेरियल का प्रयोग हुआ है। गौरतलब है कि इसको लेकर कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय जागरूक नागरिकों ने शुरू से ही इस गलियारे के निर्माण में प्रयोग की जाने वाली घटिया सामग्री का विरोध किया है। इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन सिटी को की गई है। लेकिन यह शिकायत प्रशासन की रद्दी की टोकरी में जाना प्रतीत हो रही है।

डिप्टी सीएम को दिए गए पत्र में कहा गया है कि विभागीय अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि सब कुछ ऊपर से डील हो रहा है। वैस तो इस मार्ग को 10 से 20 वर्ष नहीं बिगड़ना चाहिए था। लेकिन बनते ही इसकी हालत बेहद खस्ता हो गई है। लिहाजा गलियारे के निर्माण में शासकीय धन का अपव्यय किया गया है।

मार्ग जगह-जगह कई टुकड़ों में बट गया है। शिकायती पत्र में कहा गया है कि जिले में कोई भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। लिहाज  सरकार की छवि भी खराब हो रही है। हालांकि उप मुख्यमंत्री ने इस पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए है। देखना दिलचस्प होगा कि मार्ग के निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोपीयों को सजा मिलती है या फिर जांच के नाम पर केवल खानापूर्ती होगी। मालूम हो कि बुंदेलखंड आजाद सेना ने उक्त मार्ग के निर्माण के लिए  धरना प्रर्दशन किया था , इसके लिए सेना के अध्यक्ष को जेल भी जाना पड़ा था।

 

महेश कुमार यादुवंशी