नीति आयोग के उपाध्यक्ष

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज उनके सरकारी आवास पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ0 राजीव कुमार ने भेंट की। मुलाकात के दौरान पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, स्वच्छता एवं पेयजल, सिंचाई एवं जल संसाधन, उद्योग तथा कृषि क्षेत्र सहित प्रदेश में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं व कार्यक्रमों की प्रगति के सम्बन्ध में विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 08 महत्वाकांक्षी जनपदों को कार्ययोजना बनाकर विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। नीति आयोग के मानकों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति व सुधार के विशेष प्रयास सुनिश्चित किए गए हैं।
cm yogi 8 1 मुख्यमंत्री से मिले नीति आयोग के उपाध्यक्ष, जाना मेक इन यूपी से कैसे बदलेगा प्रदेश का हाल
उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास एवं अवस्थापना की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। राज्य सरकार की सुनियोजित शासन प्रणाली तथा औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति के साथ-साथ 20 क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियों के क्रियान्वयन से प्रदेश में उद्यमशीलता, नवाचार तथा ‘मेक इन यूपी’ को बढ़ावा मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गतिमान है। यह परियोजना समय से पूर्ण हो जाएगी। इसी प्रकार बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण निर्धारित लक्ष्य के अनुसार संचालित है।

गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही प्रगति पर है। निर्माण कार्य शीघ्र प्रारम्भ होगा। इस एक्सप्रेस-वे को मेरठ से प्रयागराज तक बनाया जाएगा। गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से हरिद्वार तक जोड़ने की कार्यवाही का अनुरोध भारत सरकार से किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मेट्रो रेल की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। कानपुर व आगरा मेट्रो रेल परियोजना की कार्यवाही गतिमान है। इसी प्रकार दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आर0आर0टी0एस0 कॉरिडोर के निर्माण की कार्यवाही संचालित है। वाराणसी, गोरखपुर व अन्य शहरों में मेट्रो रेल परियोजना पर कार्यवाही की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राथमिक शिक्षा के उन्नयन एवं सुधार हेतु संकल्पबद्ध है। 06 से 14 वर्ष के बच्चों को कक्षा 01 से कक्षा 08 तक निःशुल्क शिक्षा सुलभ कराने के लिए अनेक योजनाएं तथा कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। ‘स्कूल चलो अभियान’ से प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है।

शैक्षिक सत्र 2020-21 में 01 लाख 34 हजार 418 परिषदीय/उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत 01 लाख 50 हजार से अधिक बच्चों को प्रवेश दिलाया गया है। इसी प्रकार ‘कायाकल्प अभियान’ के तहत प्रदेश के विद्यालयों और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार परिलक्षित हुए हैं। 93,000 प्राथमिक स्कूलों का कायाकल्प किया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों का नया स्वरूप बना है। नये स्वास्थ्य केन्द्र खुले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत सभी स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा जी को प्रदूषण मुक्त करते हुए अविरल और निर्मल बनाने की कार्यवाही की जा रही है। ‘अर्थगंगा’ के तहत योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश और गंगा जी के किनारे के क्षेत्रों में फलदार वृक्षों और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। गंगा पार्क और गंगा नर्सरी तैयार की जा रही है। गंगा जी के किनारे पर्यटन, संस्कृति व खेल सम्बन्धी गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। नदियों को पुनर्जीवित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन साधारण के जीवन स्तर में सुधार लाये जाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ का लक्ष्य प्राप्त किया जाना विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं का केन्द्र बिन्दु है। हर घर जल, हर घर बिजली, हर गांव में सड़क, हर खेत को पानी, हर हाथ को काम, हर क्षेत्र में बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ0 राजीव कुमार ने पिछले 04 वर्षों के दौरान प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में हुई उल्लेखनीय प्रगति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेण्ट, एक्सप्रेस-वेज़, हाइवे और नेशनल हाईवे आदि के सम्बन्ध में वार्ता हुई।

डॉ0 राजीव कुमार ने बताया कि पिछले 04 वर्षों के दौरान विकास के उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। प्राथमिक स्कूलों को ‘कायाकल्प अभियान’ के तहत नई शक्ल दी गई। अवस्थापना विकास के भी कई कार्य हुए हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे सहित आम जनता के लिए जो कार्य किए गए हैं, वे सभी को प्रभावित करते हैं।

उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग में ‘प्रहरी’ सॉफ्टवेयर के लागू होने से व्यापक परिवर्तन आए हैं। कार्य क्षमता बढ़ी है। अप्रत्याशित तरक्की हुई है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश फिर से अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ेगा।

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