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सरकार ने साफ की प्राइवेट ट्रेने चलाने की तारीख, अफवाहों पर लगाई रोक 

SHATABDI TRAIN सरकार ने साफ की प्राइवेट ट्रेने चलाने की तारीख, अफवाहों पर लगाई रोक 

सरकार ने प्राइवेट ट्रेनों को लेकर तारीख तय कर दी गई है। सरकार का कहना है कि ट्रेने मार्च 2023 तक चलेगी। इसके लिए मार्च 2021 तक तैयार कर लिया जाएगा।

नई दिल्ली। सरकार ने प्राइवेट ट्रेनों को लेकर तारीख तय कर दी गई है। सरकार का कहना है कि ट्रेने मार्च 2023 तक चलेगी। इसके लिए मार्च 2021 तक तैयार कर लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि अगर इस बीच कोई गलतफहमी फैली तो भी यही तारीखे पुख्ता होगी। ट्रेनों को लेकर जो भी अफवाहें उड़ रही थी उसको लेकर सरकार को सफाई देनी पड़ी। पिछले दिनों मीडिया में खबरें आ रही थी कि प्राइवेट ट्रेनें 2014 से चलेंगी ऐसे में सरकार ने ये सफाई दी है।

बता दें कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव का कहना है कि सरकार ने 5 निजी ट्रेने चलाने का फैसला लिया है। ये ट्रेने पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप मॉडल के तहत होगा। बाकी का जो भी ट्रेने है उनको रेलवे द्वारा ही चलाया जाएगा। वहीं भारतीय रेलवे अभी करीब 2,800 मेल या एक्सप्रेस रेलगाड़ियों का परिचालन करती है। यादव का कहना है क जो भी  ट्रेने खरीदी जाएंगी उनका संचालन निजी कंपनियां करेगी। उन ट्रेनों के रख रखाव का जिम्मा भी निजी कंपनियां ही लेंगी।

वीं सरकार का ये भी कहना है कि देश जितनी भी ट्रेने बनेंगी उन सभी को मेक इन इंडिया के तहत बनाया जाएगा। इन ट्रेनों का किराया एसी बसों और हवाई किराए को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा। यादव ने कहा कि हमारी कोशिश है कि अप्रैल 2023 तक सभी ट्रेनों का संचालन शुरू कर लिया जाए।  जिस तरह से देश में प्राइवेट ट्रेन परफॉर्म कर रही है। उसके लिए एक खास मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा और परफॉर्मेंस रिव्यू होगा।

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रेवेन्यू को लेकर यादव का कहना है कि ट्रेनों में जो भी बिजली, स्टेशन, और राजमार्ग इस्तेमाल किया जाएगा उसका शुल्क निजी कंपनियों कोहा देना होगा। वहीं कंपनियों को बोलियां लगाकर भारतीय रेलवे के साथ राजस्व को साझा करना होगा। साथ हीनिजी कंपनियों को समय सारणी के हिसाब से रेलगाड़ी परिचालन में 95 प्रतिशत पालन करना साफ तौर पर बताना होगा। वहीं ट्रेन को इस शर्त पर चलाना होगा कि हर एक लाख किलोमीटर का यात्रा मां एक बार से अधिक असलफल नहीं होगी।

साथ ही यादव ने कहा, ‘यदि निजी कंपनियां यात्री रेलगाड़ी परिचालन से जुड़े किसी भी प्रदर्शन मानक को पूरा करने में असफल रहती हैं तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। हर रेलगाड़ी इंजन में एक बिजली मीटर भी होगा और कंपनियों को उनके द्वारा उपभोग बिजली का वास्तविक भुगतान करना होगा। यह उन्हें अपना बिजली खर्च कम रखने को प्रोत्साहित करेगा।’ उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों को कम लागत पर बेहतर रेलगाड़ियां और प्रौद्योगिकी मिल सकेगी। भारतीय रेल बाकी 95 प्रतिशत रेलगाड़ियों का परिचालन जारी रखेगी।

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