CBI विवादः निदेशक आलोक वर्मा और अस्थाना को तलब कर सकता सीवीसी,जानें क्या है मामला

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को बयान रिकॉर्ड कराने के लिए तलब कर सकता है। सीबीआई के विशेष निदेशक ने अस्थाना ने वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीवीसी इस मामले की जांच कर रहा है।सीवीसी प्रमुख केवी चौधरी ने बताया कि अस्थाना की शिकायत पर आयोग ने जांच शुरू की है।

 

CBI विवादः निदेशक आलोक वर्मा और अस्थाना को तलब कर सकता सीवीसी,जानें क्या है मामला
CBI विवादः निदेशक आलोक वर्मा और अस्थाना को तलब कर सकता सीवीसी,जानें क्या है मामला

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चौधरी ने कह कि आयोग को उन मामलों से संबंधित ज्यादातर फाइलें मिल गई हैं। जिनकी जांच में वर्मा द्वारा दखल देने के आरोप लगे। हमें अधिकतर फाइलें मिल गई हैं। हम सीबीआई से कुछ फाइलें प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं।हालांकि अभी कुछ कहा नहीं जा सकता, क्योंकि केस अदालत में विचाराधीन है। क्या सीवीसी की वर्मा और अस्थाना को उनके बयान दर्ज करने के लिए बुलाने की योजना, इसके जवाब में चौधरी ने कुछ भी कहने से मना किया है। उन्होंने कहा कि हम दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। अगर जरूरत पड़ी तो सभी संबंधित व्यक्तियों को बुलाया जाएगा। जांच के सिलसिले में अब तक वर्मा और अस्थाना में से किसी को भी पेशी के लिए तलब नहीं किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि आयोग ने उन अहम मामलों की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारियों का परीक्षण किया था, जिनका जिक्र अस्थाना ने वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत में किया है। उन्होंने बताया कि सीबीआई के पुलिस निरीक्षक और उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों को तलब किया गया था। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के सामने उनके बयान लिए गए थे।

सीबीआई विवाद का पूरा मामला क्या है।

55 अक्तूबर को सीबीआई ने रिश्वतखोरी का एक मामला दर्ज किया। एफआईआर में अपने ही स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ साजिश करने और रिश्वत लेने के आरोप लगाये। सीबीआई ने हैदराबाद के बिजनेसमैन सतीश बाबू की शिक़ायत पर ये एफ़आईआर दर्ज की थी।सतीश बाबू का आरोप है कि उन्होंने मोइन क़ुरैशी केस में अपने ख़िलाफ़ जांच को रुकवाने के लिए 3 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी।

सतीश बाबू का दावा है कि उन्होंने दुबई में रहने वाले इनवेस्टमेंट बैंकर मनोज प्रसाद की मदद से ये रिश्वत राकेश अस्थाना तक पहुंचाई थी। सतीश बाबू के खिलाफ सीबीआई जो जांच कर रहा था, उसकी अगुआई राकेश अस्थाना ही कर रहे थे।15 अक्तूबर को सीबीआई ने जो एफ़आईआर दर्ज की थी, उसमें सीबीआई के उप-पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार, दुबई में रहने वाले मनोज प्रसाद और उनके भाई सोमेश्वर प्रसाद को भी नामित किया था। मालूम हो कि इस सीबीआई विवाद का आधार मोइन क़ुरैशी केस है।

महेश कुमार यादव