रामजस मामले पर तीस हजारी कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से 30 मार्च तक रिपोर्ट मांगी

नई दिल्ली। दिल्ली के रामजस कॉलेज में देश विरोधी नारे लगाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करने वाली याचिका पर दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने पुलिस से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अभिलाष मिश्रा ने तीस मार्च तक पुलिस को कोर्ट में ये रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने मौरिस नगर थाने के एसएचओ को निर्देश दिया कि वो इस मामले में एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करें। कोर्ट ने याचिकाकर्ता विवेक गर्ग द्वारा दिए गए वीडियो की विश्वसनीयता पर सवाल उठाये और उनसे 21 और 22 फरवरी को हुई हिंसा की सिलसिलेवार विवरण देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या आप वीडियो शूट कर रहे थे। हम इलेक्ट्रॉनिक युग में रह रहे हैं जहां वीडियो से छेड़छाड़ हो सकती है। इसलिए हम वीडियो पर भरोसा नहीं कर सकते हैं। तब विवेक गर्ग और वकील पुनीत गोयल ने कहा कि जिस व्यक्ति ने वीडियो बनाई है हम उसके बारे में कुछ नहीं जानते हैं लेकिन ये वीडियो न्यूज़ चैनल्स और सोशल मीडाय पर शेयर किए गए हैं।

इससे पहले 28 फरवरी को कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया था और आज के लिए लिस्ट किया था । याचिकाकर्ता विवेक गर्ग ने याचिका दायर कर कहा है कि जिस तरह से विश्वविद्यालयों में देशविरोधी नारे लग रहे हैं उससे देश के कुछ हिस्सों में माहौल खराब होता है।