पंचायत चुनाव की मतगणना पर छाये संकट के बादल, जानिए क्या है कारण

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के तीन चरण संपन्न हो गए। चौथे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होगा, इसके बाद मतगणना 2 मई को होगी। इसी से जुड़े मामले में नया विवाद सामने आया। सरकारी टीचरों ने मतगणना में शामिल ना होने की बात कही।

शिक्षक करेंगे मतगणना का बहिष्कार

कोरोना संक्रमण के चलते पंचायत चुनाव पर भी इसका असर पड़ा है। इसी से जुड़े मामले में विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से नाराजगी जताई गई। लगातार संक्रमित हो रहे शिक्षक अब मतगणना में शामिल ना होने की बात कह रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने बताया कि चुनाव आयोग को मतगणना स्थगित कर देनी चाहिए। चुनाव की वजह से लगातार संक्रमण गांव तक भी फैला है। हर जिले में 10 से 15 शिक्षक मौत के मुंह में चले जा रहे। इसके अतिरिक्त भारी संख्या में चुनावी ड्यूटी कर रहे लोग संक्रमित हो रहे हैं।

मृतकों के परिजनों को 50 लाख देने की मांग

इसी के साथ लखीमपुर खीरी जिले में प्रतिनिधि मंडल ने निर्वाचन आयोग और मुख्यमंत्री को एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ड्यूटी के दौरान संक्रमण की चपेट में आने से मृतक लोगों के परिवार को आर्थिक सहायता देने की बात कही गई।

इसके साथ ही संक्रमित मरीजों के इलाज का पूरा खर्च भी सरकार की तरफ से दिए जाने की मांग इस पत्र में की जा रही है। शिक्षकों के संगठन ने मतगणना का बहिष्कार करने का ऐलान किया, लगातार बढ़ रहे संक्रमण के चलते यह निर्णय लिया गया है।

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