September 26, 2021 12:41 am
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2024 के अंत तक ही मिल पाएगा कोरोनावायरस का टीका: सीरम इंस्टीट्यूट

कोरोना

भारत ख्रबर, नई दिल्ली। कोरोनावायरस को लेकर पूरी दुनिया में परेशानी बढ़ रही है ऐसे में वैक्सीन की नितांत आवश्यकता है।  भारत के स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने खबर दी है। उनका कहना है कि मार्च 2021 तक कोरोना वायरस का वैक्सीन आ जाएगी। लेकिन दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता ने इसके उलट बयान दिया है।

सीरम इंस्टीट्यूट का कहना है कि वैक्सीन 2024 के अंत समय तक ही मिल पाएगी उससे पहले कोई चांस नहीं है। आपको बता दें कि दुनिया में सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट serum institute है और उसके चीफ एग्जीक्यूटिव में कोविड-19 वैक्सीन को लेकर यह बयान दिया है।

चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अदर पूनावाला ने बताया कि फार्मा कंपनियां इतनी आसानी से अपने प्रोडक्शन को नहीं बढ़ा सकते दुनिया भर में कोरोनावायरस वैक्सीन मिलने में कम से कम 4 साल का वक्त लगेगा। सीरम इंस्टीट्यूट serum institute के सीईओ ने बताया कि ऐसा भी हो सकता है किंजल सिया और रोटावायरस की तरह कोरोनावायरस के भी दो दोष देने की आवश्यकता पड़े ऐसे में हमें पूरी दुनिया के लिए 15 अरब रोज की आवश्यकता पड़ेगी।

एक अरब डोज बनाने की पड़ेगी जरूरत

उन्होंने बताया कि दुनिया की पांच कंपनियों के साथ से नाम इंस्टिट्यूट का करार है। कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफ़ोर्ड के साथ वैक्सीन बनाने में शामिल है। माना जा रहा है कि कंपनी ने रूस की Gamaleya Research Institute के साथ भी करार कर सकती है, जिसने स्पूतनिक वैक्सीन (Spitnik Vaccine) बनाई है। सीरम इंस्टीट्यूट serum institute का कहना है कि वह इन कंपनियों के साथ मिलकर 1 अरब डोज बनाकर 50 फीसदी भारत में वितरित करेगी।

68 देशों के लिए वैक्सीन बना रहा सीरम इंस्टीट्यूट

कोरोनावायरस वैक्सीन पर आधारित इस बयान पर लोग बड़ी आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं।  लोगों का मानना है कि वहां बयान बेहद अहम हो सकती है। सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ पूनावाला का कहना है कि, प्रोडक्शन के मामले में दुनिया इस मामले में सकारात्मक खबर चाहती है लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसे हासिल करना मुमकिन है। वर्तमान में सीरम इंस्टिट्यूट AstraZeneca के साथ 68 देशों के लिए वैक्सीन बना रही है. अदर पूनावाल, साइरस पूनावाला के बेटे हैं जो भारत के सातवें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। अदर पूनावाला यह भी कहा कि अब AstraZeneca वैक्सीन का ट्रायल दोबारा शुरू हो गया है।

स्पूतनिक वी आम जनता के लिये बाजार में मौजूद

कुल मिलाकर कोरोनावायरस का टीका अगर जल्द ही विकसित कर लिया जाए तो मनुष्य में होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। रूस का स्पूतनिक वी हालांकि आम जनता के लिए बाजारों में मौजूद है उसके अच्छे परिणाम है हाल ही में साइंस की फेमस मैगजीन ने भी रूस के स्पूतनिक वी कोरोनावायरस टीके के बारे में पहली रिपोर्ट प्रस्तुत की थी जिसमें यह कहा गया था यह मानव जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है और कोरोनावायरस को नष्ट करने में अच्छी भूमिका निभा रहा है।

 गौरतलब है कि रूस में जो कोरोनावायरस का टीका बनाया था उसका पहला डोज रूस के राष्ट्रपति ने अपनी बेटियों को लगवाई थी  उसके बाद आम जनता में परीक्षण के लिए वाटिका मौजूद किया गया था। अब पूरी दुनिया में रूस कोरोनावायरस के पहले टीके को रजिस्टर करा कर इसे अलग-अलग देशों में पहुंचाना चाहता है।

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