कोरोना लॉकडाउन

लखनऊ: कोरोना की बढ़ती रफ्तार देश को फिर से लॉकडाउन की तरफ ले जा रही है। सोमवार को जो आंकड़े सामने आए हैं उनके मुताबिक देश में एक दिन में 46,751 केस मिले हैं। पिछले साल कुल 360 केस मिलने पर जनता कर्फ्यू लगा था, ऐसे में यह स्थिति बेहद डरावनी है।

पिछले साल 21 मार्च तक 360 केस सामने आए थे। इनमें 41 मामले विदेशियों के थे। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू की अपील की थी अब कोरोना की बढ़ती रफ्तार ने एक बार तेज हो चली है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार जल्द कोई सख्त कदम उठा सकती है।

देश में रोजाना कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती चली जा रही है। अगर हम कोरोना के सकिय मामलों की बात  करें तो देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र में ही दो लाख से अधिक केस हैं। अगर भारत की बात करें इस वक्त 3,34,646  लोग कोरोना से जूझ रहे हैं।

महाराष्ट्र समेत छह राज्यों में हालात चिंताजनक

महाराष्ट्र इस वक्त स्वास्थ्य विभाग के रडार पर है। इसके अलावा पंजाब, केरल, गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। दूसरे राज्यों में भी कोरोना का संक्रमण धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। सरकार ने अब तक जनता कफ्र्यू का ऐलान नहीं किया है। मगर, लोगों को आने वाले दिनों में पाबंदियों के लिए तैयार रहना होगा।

पंजाब में नाइट कफ्र्यू, बाकी जगह भी सख्ती

पंजाब के 11 शहरों में नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया गया है। राजस्थान में किसी भी बाहरी शख्स को एंट्री तभी मिलेगी, जब उसके पास कोरोना निगेटिव रिपोर्ट हो। मध्य प्रदेश ने भी राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर में नाइट कर्फ्यू लगाया है।

स्कूल बंद करने का हुआ ऐलान

कई राज्यों में कोरोना के केस कम होने तक स्कूल-कॉलेज बंद करने का ऐलान किया है। सरकार अगर सख्त कदम उठाती है तो यह प्राइवेट स्कूल संचालकों के लिए बड़ा झटका होगा। पिछले एक साल से अधिकांश स्कूल कॉलेज बंद थे। महामारी ने छोटे स्कूल संचालकों की कमर तोड़कर रख दी थी। ऐसे में कोरोना की यह लहर उनके लिए बड़ी मुसीबत बनकर आएगी।

शादी-बारातों पर संशय, रोक लगने के आदेश से डरे हुए हैं लोग

कोरोना को लेकर शादी बारातों पर भी संशय के बादल मंडरा रहे हैं। अगर केस इसी तरह बढ़े तो सरकार आयोजनों पर रोक लगाएगी। ऐसे में शादी-बारातों में मेहमानों को बुलाने का सिलसिला फिर से थम जाएगा। जाहिर है, ऐसे में तमाम नियम कानून भी बदलेंगे।

होली से ठीक पहले लोगों को डराने लगा बस और ट्रेन का सफर

29 मार्च को होली है। ऐसे में तमाम नौकरीपेशा लोग अपने घरों को लौटेंगे। मगर, बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लोगों को बस और ट्रेनों का सफर डराने लगा है। लोग महामारी की बढ़ती रफ्तार से चिंतित हैं।

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