Corona कोरोना से जंग जीतने के करीब पहुंचा देश,600 से ज्यादा शहरों में नहीं हुई कोई मौत

देश में कोरोना को लेकर एक साल बाद अच्छी ख़बर आई है। देश में बीते 15 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली समेत कई ऐसे जिले हैं, जहां पर एक भी मौत नहीं हुई है। कभी सबसे ज्यादा संक्रमित दिल्ली में एक साल बाद ऐसा हुआ, जब एक भी मौत कोरोना की वजह से नहीं हुई। वहीं अच्छी ख़बर ये भी है कि बीते 1 सप्ताह में देश के 600 जिलों में किसी की जान नहीं गई।

देश की राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत उत्तर भारत में कई जिले ऐसे  हैं, जहां मरने वालों का आंकड़ा 1 से 10 के बीच में रहा। दरअसल, कोरोना पर काम कर रही एजेंसियों के मुताबिक कोरोना से लड़ाई भारत विकसित देशों के मुकाबले बेहतर ढ़ंग से लड़ा। विकसित देशों में अब भी कोरोना के मामले भारत के मुकाबले ज्यादा आ रहे हैं। बता दें कि कोरोना से अबतक देश में 10,871,060 कोरोना के मरीज सामने आ चुके हैं। जबकि 155,399 ने जान गंवाई है। इस दौरान 734 डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज करते हुए दम तोड़ा है। 10,571,629 मरीज अबतक ठीक हो चुके हैं। वहीं एक्टिव मरीजों की संख्या सिर्फ 144,032 बची है।

कोरोना के गिरते आंकड़ों के पीछे वैक्सीनेशन को भी माना जा रहा है। क्योंकि बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को ये वैक्सीन लगाई जा चुकी है। दूसरी डोज भी दी जानी शुरू हो गई है। वहीं एक सर्वे के मुताबिक दिल्ली में हर दूसरा व्यक्ति कोरोना के एंटीबॉडी डेवलप कर चुका। यानी देश की राजधानी में आधी आबादी ने कोरोना से लड़ने के लिए हार्ड इम्यूनिटी डेवलप कर ली है।

हालांकि दूसरी तरफ महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में कोरोना के मामलों में उत्तर भारत के मुकाबले कोई खास कमी नहीं आई है। महाराष्ट्र और केरल ही ऐसे राज्य हैं, जहां के 10 जिलों में बीते दिनों में कोरोना से मौत के मामले में इजाफा हुआ है। इनमें पुणे, तिरुवनंतपुरम, कोझिकोड, मुंबई, नागपुर, यवतमाल, कोल्लाम और बेंगलुरू हैं।

 

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