23 गंगा के लिए संजीवनी बना कोरोना..

पूरी दुनिया में मौत का तांडव कर रहा कोरोना वायरस कुछ चीजों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। प्रदूषण से परेशान दुनिया के बड़े-बड़े देशों को राहत मिल गई है। इसके साथ ही प्रकृति के लिए भी कोरोना वरदान साबित हो रहा है।

ganga 1 गंगा के लिए संजीवनी बना कोरोना..
इंसान ने अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए जिस तरह से प्राकृतिक खिलवाड़ किया ये जो हो रहा है उसी का नतीजा है। कल तक जो गंगा करोड़ों खर्च होने के बाद भी साफ नहीं हो पा रही थी वो इस ल़ॉकडाउन में साफ हो गई है।
लॉकडाउन के कारण मानव दबाव खत्म हो जाने से चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। केंद्रीय जल आयोग हर महीने गंगा नदी के जल के सैंपल लेता है। लॉकडाउन से पहले 24 मार्च और इसके बाद 18 अप्रैल को भी सैंपल लिए गए। दोनों रिपोर्ट में बड़ा अंतर आया है।

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लॉकडाउन के दौरान गंगा का पानी इतना साफ हो गया कि उसे फिल्टर करके सीधे पी सकते हैं। लॉकडाउन से पहले हरिद्वार में घुलित ऑक्सीजन 9.8 थी, अब 8.2 है। जबकि बीओडी पहले 1.2 थी जो अब 0.8 है।
इस तरह गंगा ही नहीं बल्कि प्रकृति ने जो भी हमें खूबसूरत तोहफे दिये थे वो सभी खूब फल-फूल रहे हैं। देश में प्रदूषण लगाताार कम होता जा रहा है।

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