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वसुंधरा की यात्रा कॉग्रेस का प्लान ऐसे करेगी यात्रा विफल

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ऩई दिल्ली। राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं जहां एक और राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजें “सुराज गौरव यात्रा कर रही हैं तो वहीं दूसरी और कांग्रेस भी इसके जबाव में उतर आई हैं। बता दे कि कांग्रेस की ओर से भी इसके जबाव में किसान सम्मेलन और छोटी-छोटी सभांओं का आयोजन किया जा रहा हैं जहां बीजेपी की ओर से चुनाव को लेकर तीन महिने का प्लान बनाया गया हैं तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने भाजपा के इस प्लान का जवाब देने के लिए अपनी योजना बनाई है ।

 

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बता दे कि चुनवा को अभी करीब 8 महिने बाकी हैं। पर राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने तैयारी तेज कर दी है । कांग्रेस नेतृत्व ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की “सुराज गौरव यात्रा ” के जवाब में प्रदेश के सभी 33 जिलों में किसान सम्मेलन और छोटी-छोटी सभाएं आयोजित करने के साथ ही ” मेरा बूथ,मेरा गौरव ” के माध्यम से पोलिंग बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करने की रणनीति बनाई है ।

बता दे कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट और प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे की ओर से मुख्यमंत्री की यात्रा का जवाब देने की रणनीति बनाई गई हैं। इस रणनीति के तहत सचिन पायलट,पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित अन्य वरिष्ठ नेता नियमित रूप से जिलों में जाकर किसान सम्मेलनों एवं छोटी-छोटी सभाओं को संबोधित करेंगे । बता दे कि मुख्यमंत्री अपनी यात्रा निकाल रही हैं और कांग्रेस की रणनीति के तहत जिस जिलें में सीएम की यात्रा जाएगी उस जिलें में मीडिया के माध्यम से सरकार की विफलता बताने का काम करेंगे ।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट और प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे ने राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा कर मुख्यमंत्री की यात्रा का जवाब देने की रणनीति तैयार की है । इस रणनीति के तहत सचिन पायलट,पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित अन्य वरिष्ठ नेता नियमित रूप से जिलों में जाकर किसान सम्मेलनों एवं छोटी-छोटी सभाओं को संबोधित करेंगे । मुख्यमंत्री की यात्रा जिस जिले में जाएगी,उस जिले के नेता मीडिया के माध्यम से सरकार की विफलता बताने का काम करेंगे ।

वैसे तो सचिन पायलट पहले से ही दो से तीन दिन तक एक-एक जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के दौरे कर रहे हैं,लेकिन अब उनकी यात्राओं का नया कार्यक्रम बनेगा । पायलट फिलहाल नए मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने पर विशेष फोकस कर रहे हैं । इसके लिए उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों एवं अग्रिम संगठनों को लक्ष्य दिया है । इधर राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे ने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और नाराज नेताओं को मनाने की मुहिम प्रारम्भ की है । वे पार्टी के ऐसे नेताओं के साथ व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर रहे हैं,जो किसी ना किसी कारण से नाराज चल रहे हैं ।

पांडे ने जनाधार वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की सूची भी तैयार कराई है । इस सूची में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं से वे एक माह में मिलेंगे । अविनाश पांडे का कहना है कि पार्टी एकजुट होकर विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है । केन्द्र और राज्य सरकार की विफलताओं के चलते आम आदमी नाराज है ।राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस का संगठन महासचिव बनाए जाने के बाद कांग्रेस की आंतरिक राजनीति तेज हो गई है । गहलोत विरोधी खेमा पार्टी आलाकमान के इस निर्णय से खुश है । इस खेमे का मानना है कि चुनाव से करीब 8 माह पूर्व केन्द्र स्तर पर संगठन महासचिव बनाए जाने का अर्थ साफ है कि अब उन्हे प्रदेश की राजनीति से दूर किया जा रहा है और सचिन पायलट की स्वतंत्र रूप से प्रदेश की कमान संभालेंगे । वहीं गहलोत खेमे के नेता इस नियुक्ति को अपने नेता का पार्टी में कद बढ़ना बता रहे हैं । हालांकि ये नेता दबे स्वरों में यह चर्चा कर रहे हैं कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का यह निर्णय कहीं गहलोत को प्रदेश की राजनीति से दूर करने का कदम तो नहीं है ।  बता दे कि बीजेपी जहां वसुंधरा के नाम पर आगे बढ़ रही हैं तो वहीं कांग्रेस भी सचिन पायलट के नाम पर गंभीर हैं।

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